किस अधिकार से अजमेर जैन समाज के कुछ व्यक्तियों ने अनुभव सागर जी के साथ मारपीट कर कपड़े पहनाएं
इंदौर ! ( देवपुरी वंदना )
कहां जाता है एक श्रावक व संत की चर्याओं में बड़ा अंतर होता है यह तो समाज का बच्चा बच्चा भी जानता है ।
फिर अजमेर जैन समाज के कुछ समाज सुधारक ठेकेदार क्या किसी संत से बढ़कर हो गए या उन्हें संत की होने वाली…
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