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सरावगी खंडेलवाल दिगंबर जैन समाज के स्थापना दिवस पर दंपति संगठन की ऐतिहासिक शुरुआत
अतिशय क्षेत्र बनेड़िया जी में भगवान अजितनाथ के दर्शन, अभिषेक-पूजन, वृक्षारोपण एवं परिवार मिलन के साथ प्रथम दंपति मीटिंग संपन्न
इंदौर। सरावगी खंडेलवाल दिगंबर जैन समाज के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन संगठन द्वारा समाज के परिवारों को आपस में जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दंपति संगठन की प्रथम संपर्क एवं आउटिंग मीटिंग का आयोजन अतिशय क्षेत्र बनेड़िया जी में हर्षोल्लास के साथ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आराध्य श्री 1008 अजितनाथ भगवान के दर्शन, अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा के साथ हुआ। आयोजन में आचार्य श्री 108 अविचल सागर जी महाराज के सान्निध्य का लाभ प्राप्त हुआ। इसके पश्चात वृक्षारोपण, मंगलाचरण, संगीतमय धार्मिक तंबोला, सामूहिक भोजन एवं परिवार मिलन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
परिवारों को परिवारों से जोड़ने की नई पहल
दंपति संगठन की प्रथम मीटिंग में उपस्थित सभी परिवारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रत्येक दंपति ने अपना परिचय देते हुए अपने परिवार, निवास क्षेत्र, बच्चों एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी साझा की।
सदस्यों ने कहा कि आज समाज के परिवारों के बीच निरंतर संपर्क और परिचय की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। विशेष रूप से नई पीढ़ी को अपने समाज एवं परिवारों से परिचित कराने के लिए ऐसे मंच की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
बैठक में यह विचार भी सामने आया कि विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए सामाजिक एवं आगमिक परंपराओं के अनुरूप स्वजातीय परिवारों के बीच परिचय और संपर्क बढ़ना आवश्यक है। संगठन के माध्यम से बच्चों को समाज के परिवारों से परिचित कराने तथा परिवारों के बीच निरंतर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
डिजिटल डायरी बनेगी परिवारों के इतिहास का स्थायी दस्तावेज
बैठक में sarawagijaindiary.com डिजिटल डायरी के माध्यम से प्रत्येक परिवार से अपनी वर्तमान पारिवारिक जानकारी के साथ पूर्वजों एवं पिछली पीढ़ियों का इतिहास दर्ज करने का आग्रह किया गया।
संगठन का उद्देश्य है कि परिवार अपने वंश, रिश्तों एवं पारिवारिक इतिहास की जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने परिवार और समाज की जड़ों से परिचित हो सकें।
संगठन की योजना है कि यह डिजिटल डायरी भविष्य में परिवार एवं समाज के महत्वपूर्ण स्थायी दस्तावेज के रूप में विकसित हो।
हर सदस्य कम से कम 10–15 परिवारों को जोड़ेगा
मीटिंग में उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे अपने संपर्क में आने वाले अन्य सरावगी खंडेलवाल परिवारों को दंपति संगठन से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
सदस्यों ने कहा कि प्रत्येक परिवार यदि अपने संपर्क के कम से कम 10–15 परिवारों को संगठन से जोड़े, तो समाज का सामाजिक ढांचा और अधिक मजबूत हो सकता है।
टीम सदस्यों ने भी अपने सामाजिक कार्यों की प्राथमिकताओं में राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन संगठन को महत्वपूर्ण स्थान देने का संकल्प व्यक्त किया।
इंदौर के साथ आसपास के क्षेत्र भी जुड़ रहे
दंपति संगठन की इस पहल से इंदौर के साथ देपालपुर, महू एवं गौतमपुरा क्षेत्र के परिवार भी इंदौर इकाई से जुड़ रहे हैं। संगठन की योजना इस पहल को आने वाले समय में अन्य शहरों एवं क्षेत्रों तक पहुंचाने की है।
धर्म के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्थापना दिवस के अवसर पर अतिशय क्षेत्र बनेड़िया जी में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। धर्म और समाज सेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण किया गया।
इस अवसर पर स्वर्गीय प्रकाशचंद्र जी एवं स्वर्गीय अरुण कुमार जी, सुपुत्र स्वर्गीय चिरौंजी लाल जी पहाड़िया, की स्मृति में बड़े वृक्षों का रोपण किया गया। वहीं तेजकुमार गोधा जी के सौजन्य से भी वृक्षारोपण किया गया।
नौवीता हेल्थकेयर की ओर से उपहार वितरण
कार्यक्रम में नौवीता हेल्थकेयर की ओर से उपस्थित सभी सदस्यों को उपहार वितरित किए गए। आयोजन की व्यवस्थाओं में बनेड़िया पेढ़ी के सतीश जी, मनोज जी एवं समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
संस्थापक अध्यक्ष संदीप शीतल पहाड़िया ने किया समाजबंधुओं से जुड़ने का आह्वान
संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप शीतल पहाड़िया ने सभी समाजबंधुओं से इस पहल को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक परिवार को जोड़ना संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने टीम सदस्यों से आग्रह किया कि आगामी मीटिंगों में धार्मिक, सामाजिक, पारिवारिक एवं मनोरंजक गतिविधियों की ऐसी रूपरेखा तैयार की जाए, जिसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो और परिवारों के बीच निरंतर संपर्क बना रहे।
उन्होंने कहा कि, “हमारा उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि समाज के परिवारों को एक-दूसरे से जोड़कर रिश्तों को फिर से जीवंत करना है। आज हम जुड़ेंगे, तभी हमारी आने वाली पीढ़ी अपने समाज से जुड़ी रहेगी।”
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे दंपति साथी
कार्यक्रम में संस्थापक अध्यक्ष संदीप शीतल पहाड़िया, संरक्षक इंदर कुमार जी सेठी, प्रभारी कैलाश लुहाड़िया, देवेंद्र–अंजू सेठी, मीटिंग संयोजक राकेश–साधना टोंग्या, कपूर–प्रमिला पाटनी, तल्लीन–निशा बडजात्या, प्रफुल्ल–नीलम गोधा, प्रशांत–आरती छाबड़ा, पदम–प्रियंका वेद, राकेश–प्रतिभा सोनी, रितेश–टीना टोंग्या, जुंबिश–दीपाली अजमेरा, राजकुमार–मनोरमा पाटनी, रितेश–मोनिका वेद, संदीप–कल्पना गोधा सहित अनेक दंपति सदस्य उपस्थित रहे।
देपालपुर जैन समाज की ओर से दिलीप जी कासलीवाल, चेतन जी बोहरा, प्रकाश जी सेठी, भागचंद जी छाबड़ा एवं कमल जी बोहरा सहित अनेक समाजबंधुओं की सहभागिता रही।
एक दंपति जुड़ेगा • एक परिवार जुड़ेगा • रिश्ते जुड़ेंगे • समाज मजबूत होगा
राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन संगठन
हमारा परिवार • हमारा समाज • हमारी जिम्मेदारी
12 जुलाई से कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ इन्दौर द्वारा आयोजित कालजयी विरासत, समकालीन विमर्श और स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

इंदौर ! (देवपुरी वंदना) श्रमण परंपरा के रक्षार्थ गुनिकुंजर आचार्य श्री आदिसागरजी (अंकलीकर) के चतुर्थ पट्टाचार्य प.पू. प्राकृत ज्ञान केसरी अध्यात्मयोगी आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज ससघ, आचार्य श्री 108 विप्रणत सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 अंतर्मुखी पूज्य सागर जी महाराज के पावन
सानिध्य में इंदौर स्थित उदासीन आश्रम परिसर के कुंद कुंद ज्ञानपीठ एवं दिगंबर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट के तत्वावधान में कालजयी विरासत और स्वर्णिम भविष्य विषय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी में मुख्य रूप से रोजाना 2 सत्र हैं। जो प्रातःकाल के स्वच्छ वातावरण में 8:30 बजे से प्रारंभ होकर 10:30 बजे तक रहेगा और दूसरा सत्र दोपहर 2:00 बजे से 4:30 तक रहेगा . गोष्ठी में देश के मनीषी विद्वान और शिक्षाविद डॉ जयकुमार उपाध्ये, प्रोफेसर नलिन के शास्त्री नई दिल्ली कुलगुरु राकेश सिंह सिंघई , प्रोफेसर निलेश जैन, प्रोफेसर नेमिनाथ जैन एवं तारा डागा आदि विद्वान विचार व्यक्त करेंगे।
आयोजन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू और रेखा जैन ने बताया कि गोष्ठी का शुभारंभ रविवार 12 जुलाई को प्रातः 9:00 बजे उदासीन आश्रम परिसर में मध्य प्रदेश शासन के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति डॉक्टर शिवकुमार मिश्र करेंगे। इस अवसर पर आचार्य श्री के मंगल प्रवचन भी होंगे।
आयोजन समिति के प्रमुख अमित कासलीवाल एवं डॉ अरविंद जैन ने बताया कि गोष्ठी में प्रतिदिन प्रातः 8: 30 से 10:30 तक दो सत्र होंगे
गोष्ठी का समापन मंगलवार 14 जुलाई को प्रातः 8:30 बजे सांसद शंकर ललवानी के मुख्य आतिथ्य में होगा इस अवसर पर
रेनेसा विश्वविद्यालय के कुलपति स्वप्निल कोठारी मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे।







