12 जुलाई से कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ इन्दौर द्वारा आयोजित कालजयी विरासत, समकालीन विमर्श और स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

इंदौर ! (देवपुरी वंदना) श्रमण परंपरा के रक्षार्थ गुनिकुंजर आचार्य श्री आदिसागरजी (अंकलीकर) के चतुर्थ पट्टाचार्य प.पू. प्राकृत ज्ञान केसरी अध्यात्मयोगी आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज ससघ, आचार्य श्री 108 विप्रणत सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 अंतर्मुखी पूज्य सागर जी महाराज के पावन
सानिध्य में इंदौर स्थित उदासीन आश्रम परिसर के कुंद कुंद ज्ञानपीठ एवं दिगंबर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट के तत्वावधान में कालजयी विरासत और स्वर्णिम भविष्य विषय पर तीन दिवसीय
तीन दिवसीय गोष्ठी में देश के मनीषी विद्वान और शिक्षाविद डॉ जयकुमार उपाध्ये, प्रोफेसर नलिन के शास्त्री नई दिल्ली कुलगुरु राकेश सिंह सिंघई , प्रोफेसर निलेश जैन, प्रोफेसर नेमिनाथ जैन एवं तारा डागा आदि विद्वान विचार व्यक्त करेंगे।
आयोजन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू और रेखा जैन ने बताया कि गोष्ठी का शुभारंभ रविवार 12 जुलाई को प्रातः 9:00 बजे उदासीन आश्रम परिसर में मध्य प्रदेश शासन के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति डॉक्टर शिवकुमार मिश्र करेंगे। इस अवसर पर आचार्य श्री के मंगल प्रवचन भी होंगे।
आयोजन समिति के प्रमुख अमित कासलीवाल एवं डॉ अरविंद जैन ने बताया कि गोष्ठी में प्रतिदिन प्रातः 8: 30 से 10:30 तक दो सत्र होंगे
गोष्ठी का समापन मंगलवार 14 जुलाई को प्रातः 8:30 बजे सांसद शंकर ललवानी के मुख्य आतिथ्य में होगा इस अवसर पर
रेनेसा विश्वविद्यालय के कुलपति स्वप्निल कोठारी मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे।

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