आचार्य श्री 108 वर्द्धमानसागर पाठशाला के पूर्व छात्रों का भव्य मैत्री मिलन समारोहसम्पन्न
सनावद ! देवपुरी वंदना ( सन्मति जैन काका ✍🏻 ) हमारे गुरुवर आचार्य श्री 108 वर्द्धमान सागर पाठशाला के पूर्व छात्र-छात्राओं का भव्य मैत्री मिलन समारोह इंदौर स्थित नखराली ढाणी में हर्षोल्लास, आत्मीयता एवं पारिवारिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर भोपाल, इंदौर, सनावद, खंडवा, महेश्वर, मंडलेश्वर एवं पीथमपुर सहित विभिन्न नगरों से पूर्व छात्र-छात्राएँ वर्षों बाद एक मंच पर एकत्रित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार महामंत्र एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। सभी ने अपने छात्र जीवन की मधुर स्मृतियों को साझा करते हुए आचार्य श्री 108 वर्द्धमानसागर पाठशाला में प्राप्त संस्कारों तथा अपनी आदरणीय शिक्षिकाओं के स्नेह, मार्गदर्शन और समर्पण को भावपूर्वक स्मरण किया। सभी ने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर अपनी प्रिय सहपाठी ब्रह्मचारिणी सारिका दीदी का भी विशेष रूप से स्मरण किया गया। आयोजन की जानकारी मिलने पर उन्होंने स्नेहपूर्वक संदेश भेजा – “मैं तुम में हूँ।” उनके इन भावपूर्ण शब्दों ने सभी के हृदय को स्पर्श किया। उपस्थित सभी ने अनुभव किया कि उनका स्नेह और आशीर्वाद आज भी सभी के साथ है।
मैत्री मिलन के दौरान मनोरंजक गतिविधियों, सामूहिक गीत-संगीत, फोटोग्राफी एवं स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों को दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के मूलनायक श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान का स्मृति-चित्र भेंट कर इस यादगार मिलन को चिरस्मरणीय बनाया गया।
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल पुराने साथियों के पुनर्मिलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, संस्कारों के प्रति समर्पण, मित्रता की मधुरता और आजीवन बने रहने वाले आत्मीय संबंधों का प्रेरणादायी उत्सव बन गया।



