इंदौर दिगंबर जैन समाज के पूर्व पदाधिकारीयों की “गलत परंपरा को मौन स्वीकृति देना” आज समाज को किस और धकेल रहा है

इंदौर । (देवपुरी वंदना) जब एक समय और था जहां इंदौर दिगंबर जैन समाज को संपूर्ण जैन समाज का हृदय स्थल कहा जाता था ! तब नेतृत्वकर्ता जो भी दिशा निर्देश देते वह सर्वमान्य सभी के लिए हितकारी होत था मगर सृष्टि की सत्य परंपरा है कि बदलाव भी सुनिश्चित है उसी के तहत फिर इस बीच एक दौर ऐसा आया कि

इंदौर दिगंबर जैन समाज के पूर्व पदाधिकारियों द्वारा गलत परंपराओं को भी मौन स्वीकृति देना पड़ा..?
मगर वह आर्थिक चकाचोंद
आज समाज की दिशा और दशा — दोनों को प्रभावित कर रहा है। जब समाज में
सत्य से अधिक संबंध,
संस्कारों से अधिक स्वार्थ,
और सिद्धांतों से अधिक पद को महत्व मिलने लगे,
तब धीरे-धीरे संगठन कमजोर होने लगता है।
मौन रहकर गलत परंपराओं को स्वीकार करना समाधान नहीं,
बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए और बड़े संकट का मार्ग तैयार करना है।
समय अभी भी है —
समाज को व्यक्ति नहीं,
सिद्धांत आधारित नेतृत्व की आवश्यकता है।
जहाँ श्रमण संस्कृति, एकता और समाज हित
सर्वोपरि हों।
पूर्व की भांति ही में पुनः समाज को पिछले कई वर्षों से देखते आ रहे हैं और उनकी हर क्रिया में उपस्थित होकर अपनी सहभागिता निभा रहे सर्वश्री कैलाश जी वेद साहब से उनके विचारों अनुरूप बस एक ही बात की जिज्ञासा है कि पूर्व की स्थिति में लिए गए कुछ गलत परंपरा की दिशा आज आपके समक्ष दिगंबर जैन समाज इंदौर को देखते हुए क्या लगता है
क्या आपने कभी इस तरह की कल्पना भी की थी कि समाज नेतृत्व विहीन होकर संपूर्ण देश में हंसी का पात्र बन कर खड़ा रहेगा ,.?
समाज में घट रही विघटन की प्रवृत्ति अब मात्र मनभेद बनकर रह गई है जिसे अब कोई भी इंदौर जैन समाज को मनभेद रहित एक माला में पीरोते हुए महकती एक माला बना सके बना सके यह इतना भी असंभव नहीं है अगर नेतृत्वकर्ता या अन्य कोई बिना पद की लालसा के बिना इस समाज को सही दिशा दे सकता है तो उनका बहुत-बहुत स्वागत है!
वर्तमान की स्थिति को देखते हुए समाज के अध्यक्ष सर्वश्री भाई आनंद गोधा से सविनय निवेदन है कि आप भी इंदौर दिगंबर जैन समाज को बचपन से देखते आ रहे हैं मगर आज आपके हाथ में उचित समय में सही निर्णय लेने की क्षमता का अधिकार सुरक्षित है अब आप ही पूर्व के पदाधिकारी से हुई चूक को सुधारते हुए आने वाले समय के लिए आने वाली पीढ़ी के लिए सही निर्णाय की आशा में इंदौर दिगंबर जैन समाज
