अरिहंतगिरि (तिरुमलै, तमिलनाडु) श्री एम.के. जैन (चेन्नई) के जन्मदिवस पर सारिता – महेन्द्रकुमार जैन वर्ल्ड स्कूल के नवीन भवन का भव्य लोकार्पण, ग्रामीण शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रमों का शुभारंभ
तमिलनाडु अरिहंतगिरि (तिरुमलै ), देवपुरी वंदना। शिक्षा, धर्म, सेवा एवं समाजोत्थान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय उस समय जुड़ गया, जब श्रद्धेय समाजसेवी, उद्योगपति, शिक्षाप्रेमी एवं जैन समाज के गौरव श्री महेन्द्रकुमार जी जैन (चेन्नई) के जन्मदिवस के पावन अवसर पर श्री सारिता महेन्द्रकुमार जैन वर्ल्ड स्कूल के नवीन विद्यालय भवन का भव्य लोकार्पण पूज्य स्वस्तिश्री धवलकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी, पीठाधीश्वर, श्री क्षेत्र अरिहंतगिरि के मंगल सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। इसी अवसर पर ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंग्लिश स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारंभ भी किया गया।
देशभर से जुटे उद्योगपति, शिक्षाविद् एवं श्रद्धालु
आचार्यश्री अकलंक एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से उद्योगपति, शिक्षाविद्, समाजसेवी, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रध्वज फहराने, दीप प्रज्ज्वलन तथा विद्यार्थियों द्वारा णमोकार मंत्र एवं चैत्यवंदना के सामूहिक पाठ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर श्रीमती दीप्तिका जैन की मनोहारी स्वागत प्रस्तुति तथा विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया।
समारोह का प्रभावी संचालन आचार्यश्री अकलंक एजुकेशनल ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रतिष्ठाचार्यश्री वसन्त शास्त्री ने किया। प्रारंभ में ट्रस्ट के प्रबंधक श्री अशोक जैन ने स्वागत भाषण देते हुए सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। नवीन विद्यालय भवन में नवग्रह शांति हवन, शांति विधान एवं वास्तु विधान जैसे मांगलिक धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए और भवन को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित किया गया।
शिक्षा से बढ़कर कोई दान नहीं” : महास्वामीजी
अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में पूज्य स्वस्तिश्री धवलकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी ने कहा कि शिक्षा से बढ़कर कोई दान नहीं है। जो व्यक्ति समाज के बच्चों के लिए शिक्षा के द्वार खोलता है, वह वास्तविक अर्थों में राष्ट्र निर्माण का कार्य करता है। उन्होंने श्री महेन्द्रकुमार जी जैन एवं उनके परिवार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा सभी दानदाताओं के कल्याण की मंगलकामना की।
श्री महेन्द्रकुमार जी जैन का भव्य अभिनंदन
समारोह में नवीन विद्यालय भवन का लोकार्पण सम्पन्न होने के पश्चात पूज्य महास्वामीजी ने श्री महेन्द्रकुमार जी जैन का शाल, श्रीफल एवं सम्मान-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों से पधारे उद्योगपतियों, समाजसेवियों, चेन्नई जैन समाज, पुदुच्चेरी जैन समाज तथा अखिल भारतीय जैन महासभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनका सम्मान किया। इस अवसर पर श्री पी.सी. जैन, श्री राजेन्द्र प्रसाद जैन (राज्य अल्पसंख्यक आयोग सदस्य) तथा श्री एल. अशोक (संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, फ्यूचरनेट सॉल्यूशंस) सहित अनेक वक्ताओं ने उनके शिक्षा, धर्म एवं समाजसेवा के योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
जैन समाज के गौरव हैं श्री महेन्द्रकुमार जी जैन
वक्ताओं ने कहा कि श्री महेन्द्रकुमार जी जैन ने विद्यालयों का निर्माण, शिक्षकों के वेतन, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियाँ तथा अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक योजनाओं के माध्यम से समाज के लिए अनुकरणीय कार्य किए हैं। उनके सेवा कार्य केवल दान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के स्थायी विकास की मजबूत नींव हैं। श्रीमती सारिता महेन्द्रकुमार जैन के सहयोग एवं प्रेरणा से शिक्षा, संस्कार और सेवा का यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि जैन समाज उन्हें सेवा, समर्पण, सादगी और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणास्रोत मानता है।
ग्रामीण विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की पहल
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए दो अंतरराष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रमों का शुभारंभ रहा। श्री अनुराग जैन, जो अमेरिका के डैलस में निवास करते हैं तथा आत्मिक फाउंडेशन (Aatmic Foundation) के संस्थापक एवं संचालक हैं, के नेतृत्व में यह पहल प्रारंभ की गई। वोनिशा फाउंडेशन के सहयोग से इंग्लिश स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम तथा निर्माण ऑर्गनाइजेशन के सहयोग से AI स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रारंभ किए गए। इनका उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों को अंग्रेज़ी संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, डिजिटल साक्षरता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा आधुनिक तकनीकी ज्ञान से सशक्त बनाना है।
नई पीढ़ी आगे बढ़ा रही सेवा की परंपरा
अपने संदेश में श्री अनुराग जैन ने कहा कि उनका सपना है कि ग्रामीण क्षेत्र का प्रत्येक विद्यार्थी भी महानगरों के विद्यार्थियों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं वैश्विक अवसर प्राप्त करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उचित मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक मिलने पर ग्रामीण भारत की प्रतिभाएँ विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। इस सेवा अभियान में श्री वर्धमान जैन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पिता श्री महेन्द्रकुमार जी जैन की सेवा परंपरा को नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा एवं तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ा रही है।
सेवा, सम्मान और संस्कार का संदेश
समापन अवसर पर पूज्य महास्वामीजी ने पुनः समाज को शिक्षा, संस्कार एवं सेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। ट्रस्ट के प्रबंधक श्री अशोक जैन ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, दानदाताओं, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा भावना के प्रतीक स्वरूप विभिन्न मंदिरों से पधारे पुजारियों को उनके परिवारों के लिए 10 किलोग्राम चावल एवं 1 किलोग्राम दाल भेंट की गई। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ।
यह आयोजन केवल एक विद्यालय भवन के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, सेवा, संस्कार, आधुनिक तकनीक और सामाजिक उत्तरदायित्व का ऐसा प्रेरणादायी संगम बना, जिसने ग्रामीण भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए युग का शुभारंभ किया। श्री महेन्द्रकुमार जी जैन, श्रीमती सारिता महेन्द्रकुमार जैन, श्री अनुराग जैन एवं श्री वर्धमान जैन के नेतृत्व में चल रहा यह सेवा अभियान आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में नई आशा, नई दिशा और नए अवसरों का आधार बनेगा।
राजेन्द्र जैन “महावीर” ✍🏻
9407492577





