31 अक्टूबर से प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शांतिसागर जी महाराज (छाणी) का आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा

केशवराय पाटन। (देवपुरी वंदना) हमारे आराध्य देव श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र केशवरायपाटन, जिला बूंदी राजस्थान में स्वस्तिधाम प्रणेत्री ,परम विदुषी लेखिका , गणिनी आर्यिका श्री105 स्वस्तिभूषण माताजी संसघ के सान्निध्य में प्रशममूर्ति आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज (छाणी) आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी वर्ष महामहोत्सव मनाने हेतु मंथन बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें प्रशममूर्ति आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मंगलाचरण डॉ. सुनील जैन “संचय” ललितपुर ने किया। इसके बाद महोत्सव के महामंत्री ज्ञानेंद्र जी जैन जहाजपुर ने गत बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई और लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई।
महोत्सव के अध्यक्ष हसमुख गांधी इंदौर ने बैठक का संचालन करते हुए पूरे वर्ष भर होने वाले विविध आयोजनों की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिसपर उपस्थित पदाधिकारियों ने मंथन करते हुए आर्यिका माता जी के निर्देशन में निर्णय लिए।

मंथन बैठक में पूरे वर्ष विविध आयोजन एवं कार्यों पर विचार विमर्श पूर्वक निर्णय लिए गए जिनमें प्रमुख है प्रशममूर्ति आचार्य श्री108 शांतिसागर रथ प्रवर्तन, विभिन्न चयनित स्थानों पर कीर्ति स्तम्भ , जन्म भूमि छाणी और समाधि भूमि सागवाड़ा में चरण छतरी , डाक टिकिट, विशेष डाक आवरण, विद्वत् संगोष्ठी ( माता जी के सान्निध्य में व विभिन्न विश्वविद्यालयों में), पत्रकार सम्मेलन, डाक्यूमेंट्री फ़िल्म, निबंध व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ( शुभकामना परिवार द्वारा) ,पत्र-पत्रिकाओं के विशेषांक, स्मारिका का प्रकाशन, स्मृति द्वार, सिक्के जारी करना आदि। महोत्सव की शुरुआत ( 31 अक्टूबर व 1 नवंबर 2026 दो-दिवसीय आयोजित भव्य समारोह से प्रारंभ होगा और 31 अक्टूबर 2027 तक विविध आयोजन के साथ चलेगा ।
-: आचार्य श्री का जीवन-परिचय:-
जन्मः कार्तिक वदी एकादशी, विक्रम संवत 1945 (सन् 1888)
जन्म स्थान : ग्राम – छाणी जिला- उदयपुर राजस्थान
जन्म का नाम: श्री केवलदास जैन
माता का नाम: श्रीमती माणिक बाई जैन
पिता का नाम:श्री भागचन्द्र जैन
ऐलक दीक्षा : सन् 1922 विक्रम संवत 1979
दीक्षा का स्थान: गढी, जिला बासबाड़ा, राजस्थान
मुनि दीक्षा : भाद्र शुक्ल चौदस, संवत 1980 सन् 1923
सागवाड़ा, जिला-डूंगरपुर,राजस्थान
आचार्य पद : 31 अक्टूबर सन् 1926
आचार्य पद का स्थान : गिरिडीह, झारखण्ड
समाधि मरण:17 मई 1944 ज्येष्ठ वदी दशमी
समाधी स्थल:सागवाड़ा, जिला-डूंगरपुर, (राजस्थान)
गुरुदेव के चरणों में शत-शत नमन ..
महोत्सव का केंद्रीय कार्यालय स्वस्ति धाम जहाजपुर होगा।
इस मौके पर हसमुख गांधी इंदौर (अध्यक्ष), ज्ञानेंद्र जैन कार्याध्यक्ष स्वस्तिधाम (महामन्त्री), योगेश जैन खतौली, के सी जैन ग्वालियर, बालचंद्र जैन महामंत्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर, आनंद जैन सूर्यनगर दिल्ली, विनोद जैन टोड़ी (पारस चैनल), नरेंद्र जैन बुढ़ाना, कमल बाकलीवाल ग्वालियर, राजेन्द्र जैन महावीर सनावद, डॉ सुनील जैन संचय ललितपुर, पवन बागड़िया इंदौर, शरद जैन इंदौर, महावीर प्रसाद जैन, विकास जैन सहारनपुर, आर .के. जैन इंदौर, गुलाबचंद जैन अध्यक्ष अतिशय क्षेत्र केशवराय पाटन, सुरेन्द जैन सहरानपुर, अशोक पाटनी मदनगंज- किशनगढ़, आशीष जैसवाल, मनीष पिड़ावा, रजनीश जैन सनावद , माधो अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
— सुनील जैन संचय ललितपुर
