श्रीं श्रीं क्षेत्र अरिहंतगिरि तमिलनाडु मे सरिता जैन फाउंडेशन की अनुठी पहल 506 विद्यार्थियों को एक करोड़ 86 लख रुपए से अधिक की छात्रवृत्ति दी
(अनुपमा राजेन्द्र महावीर की विशेष रिपोर्ट)
तमिलनाडु। समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी नई पीढ़ी होती है और उस पूंजी को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। इसी सोच को सेवा का संकल्प बनाकर सरिता जैन फाउंडेशन-चेन्नई तमिलनाडु में जैन विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, प्रतिभा और संस्कारों को प्रोत्साहित करने का अनुकरणीय कार्य कर रहा है।
वर्ष 2026 में फाउंडेशन ने 506 जैन विद्यार्थियों को कुल 1,86,65,625 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान कर शिक्षा सेवा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीक्षेत्र अरिहंतगिरि में 415 विद्यार्थियों को 1.50 करोड़ रुपए तथा दिण्डीवनं में आयोजित ‘श्री विराग अवॉर्ड-2026’ के अवसर पर 91 विद्यार्थियों को 36,65,625 रुपए की छात्रवृत्ति दी गई।
अरिहंतगिरि में 415 विद्यार्थियों को डेढ़ करोड़
श्रीक्षेत्र अरिहंतगिरि के नवनिर्मित ‘श्री सर्वार्थसिद्धि जिनमंदिरम्’ में आयोजित कार्यक्रम में तमिलनाडु के 415 जैन विद्यार्थियों को 1.50 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा को निर्बाध बनाए रखना और प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह शिक्षा सेवा आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की स्मृति से जुड़ी हुई है। श्री सर्वार्थसिद्धि जिनमंदिरम् के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर 3 मई 2023 को छात्रवृत्ति सेवा का शुभारंभ स्वस्ति श्री धवलकीर्ति भट्टारक भट्टाचार्य महास्वामीजी के करकमलों से, आचार्य श्री सुविधि सागर जी महाराज ससंघ एवं आचार्य श्री गुलाब भूषण जी महाराज के सान्निध्य में हुआ था।
श्रीमती सरिता एम.के. जैन ने इस सेवा को प्रतिवर्ष जारी रखने का संकल्प लिया था, जिसे फाउंडेशन निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
श्री विराग अवॉर्ड’ में 91 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति
श्री सरस्वती विलास धर्मशाला, दिण्डीवनं में ‘श्री विराग अवॉर्ड-2026’ समारोह में तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के कक्षा 10वीं और 12वीं के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसी अवसर पर 91 जैन विद्यार्थियों को 36,65,625 रुपए की छात्रवृत्ति सरिता जैन फाउंडेशन-चेन्नई द्वारा प्रदान की गई। ‘विराग अवॉर्ड’ एवं प्रमाण-पत्र समिति की ओर से दिए गए।
18 वर्षों से प्रतिभाओं को मिल रहा प्रोत्साहन
‘श्री विराग अवॉर्ड’ की यह प्रेरक परंपरा 17 वर्ष पूर्ण कर वर्ष 2026 में 18वें वर्ष में प्रवेश कर गई। गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के परम शिष्य परम पूज्य मासोपवासी मुनि श्री 108 विश्वेश्वर सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में समिति विद्यार्थियों को निरंतर सम्मानित एवं प्रोत्साहित कर रही है।
तमिलनाडु की भूमि आचार्य श्री 108 कुंदकुंद देव की आध्यात्मिक परंपरा, आचार्य अकलंक एवं निकलंक की शास्त्रार्थ भूमि तथा हजारों मुनिराजों की तपोभूमि रही है। ऐसे आध्यात्मिक परिवेश में शिक्षा और संस्कारों को बढ़ावा देने की यह पहल जैन समाज की भावी पीढ़ी को सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
कार्यक्रम को भट्टारक चिंतामणि स्वस्ति श्री धवलकीर्ति भट्टारक महास्वामी जी, अरिहंतगिरि तथा स्वस्ति श्री लक्ष्मीसेन भट्टारक महास्वामी जी, मेलचित्तामूर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। जिनध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ तथा भगवान श्री 1008 चंद्रप्रभु स्वामी का जिनाभिषेक एवं प्रक्षालन किया गया।
श्रीमती सरिता एम.के. जैन एवं परिवार की यह पहल केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। यह उन सपनों को संबल देने का प्रयास है, जिन्हें आर्थिक परिस्थितियां अक्सर रोक देती हैं। शिक्षा के माध्यम से प्रतिभा को अवसर और अवसर के माध्यम से समाज को सक्षम नेतृत्व देने की यह सोच निश्चित रूप से अनुकरणीय है।
तमिलनाडु सहित समस्त भारत वर्ष का जैन समाज सरिता जैन फाउंडेशन-चेन्नई, श्री एम.के. जैन, श्रीमती सरिता एम.के. जैन एवं परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर समाजसेवा की मंगलकामना करता है।

