अंतर्मना जन्मोत्सव मे शिष्यों ने चरण पखारे….गुरु पुष्पदंत सागर ने गले लगाया और उपहार स्वरूप 15 अगस्त को पट्ट विभूषण( पट्टाचार्य)!पद देने की घोषणा
सोनकच्छ |(देवपुरी वंदना) आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर इस युग के महातपस्वी संत है उनकी साधना समर्पण मिठास से में बड़ा प्रभावित हु। जो मां बाप नहीं कर सके वो बेटे ने कर के दिखा दिया। इनकी साधना को देखता हु तो लगता है इनके अंदर का परमात्मा जाग चुका है। यह बात गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी सागर जी महाराज ने शिष्य अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी के 57 वे जन्मोत्सव पर उपस्थित भक्तों से कही

उन्होंने जन्मोत्सव पर मंच पर शिष्य अंतर्मना को गले लगा कर प्रसन्नता व्यक्त की व उनकी साधना समर्पण से अभिप्रेरीत होकर आने वाली 15 तारीख को पट्टाचार्य पद से विभूषित करने की घोषणा की। यह सुनते ही पण्डाल गुरु– शिष्य की जयकारों से गुंजायमान हो गया।
प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया आयोजन से पूर्व कि प्रातः 4 बजे से दिव्यमंगल पाठ आराधना व भगवान मुनिसुब्रतनाथ जिनालय में गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री जी कलशाभिषेक शांतिधारा की गई जहां गणाचार्य श्री ने शिष्य अंतर्मना आचार्य श्री को भजन गाते हुएं ताली बजाकर जन्मोत्सव का विशेष आशीर्वाद दिया। शिष्य ने त्रिवार बंदना करते हुए गुरु आशीष ग्रहण किया। जहां गुरुदेव ने कहा कि तुम्हे जल्द ही तीर्थंकर प्रकृति का बंध हो…तुम जल्दी भगवान बनो।
जिसके बाद बैंडबाजों के साथ गणाचार्य संघ पुष्पगिरी तीर्थ की शीर्ष पहाड़ी पर पहुंचे जहां लाभार्थी श्री अनिल श्रीमती मीणा जी विद्यासागर रोडवेज नागपुर द्वारा ध्वजारोहण के साथ अंतर्मना जन्मोत्सव का शुभारंभ हुआ। वही तीर्थ पहाड़ी पर गुरु सानिध्य में वृक्षारोपण किया गया। भगवान पद्मप्रभु चिकित्सालय में पुष्पगिरी तीर्थ व हॉपवेल हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में निःशुल्क स्वास्थ चिकित्सा शिविर एवं आमजन हेतु स्वास्थ्य परीक्षण व आयुष्मान कार्ड पंजीयन ,ब्लड़ डोनेशन केम्प लगाया गया जिसमें कई भक्तों व क्षेत्रवासियों ने लाभ लिया । माँ जिनवाणी स्कूल सहित क्षेत्र के कई स्कूलों में विद्यार्थीयों हेतु हरमास एक उपवास विषय पर एक उपवास Fasting Once a Month, Every 7 महाअभियान प्रतियोगिता आयोजित हुई ,
दोपहर में भव्य पण्डाल में अतिथियों द्वारा द्वीपप्रज्वलन व सोनकच्छ जैन समाज की महिलाओं द्वारा मंगलाचरण नृत्य के साथ अंतर्मना जन्मोत्सव का आयोजन शुभारंभ हुआ। ग्वालियर की बालिकाओं ने भक्ति नृत्य प्रस्तुति दी। मुनि नेगम सागर जी महाराज ने मंगलाचरण भजन गाया।
इस अवसर पर स्वागत अध्यक्ष विधायक डॉ राजेश सोनकर ,जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ,अपर कलेक्टर संजीव जैन, सबरस कवि शशिकांत यादव आदि का पुष्पगिरी परिवार द्वारा स्वागत सम्मान किया गया। जिसके बाद गुरुभक्त परिवारों द्वारा भक्ति भाव से गुरुपूजा कर माहौल भक्तिमय कर दिया। शाम को
गुरु भक्ति, आनंद यात्रा आरती एवं भजन संध्या आदि का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संघ पति दिलीप भाई हुमड़ सोनकच्छ जैन समाज अध्यक्ष महेन्द्र पाटोदी , पतंजलि एसकेजे प्रदीप तिजारावाला हॉपवेल हॉस्पिटल संचालक मंगल सिंह सेंधव ,डॉ .नरेंद्र वर्मा ब्लड डोनेशन इंदौर, दंत चिकित्सक डॉ.अशोक सेंधव पुष्पगिरी अध्यक्ष प्रकाश अजमेरा, सचिव सुभाष जैन अंतर्मना ट्रस्ट अध्यक्ष अशोक बेलावत, शांतिलाल जी बेलावत , समन्वयक आकाश जैन, निरंजनसिंह सेंगर, संचालन उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज ने किया आभार पुष्पगिरी अध्यक्ष ने माना
गुरु अंतर्मना के जन्मोत्सव पर शिष्यों ने क्या कहा…..
दिसाम्बर मुद्रा है हाथों में पिच्छी धारे है मेरे गुरु प्रसन्न सागर जी जग से न्यारे है उन्होंने हजारों को संयम पथ पर लगाया है वे ही हम भव्य जीवो के सहारे
:-मुनि अप्रमत सागर
गुरुवर अन्तर्मना अनमोल है उनकी हर बात बेमिसाल हे
पारस पत्थर क्तों लोहे को सोना बनाता है।
गुरुवर वे पारस है
जो अपने शिष्यों की को पारस बना देता है अवतरण दिवस जन्म मरण से मुक्त हो बस यही कामना
:-मुनि सामयिक सागर जी
प्रसन्न गुरु की महीमा का हम बखान करते है
वे जैन धर्म की शान है। हम उन पर नाज करते हे सुबह हो या शाम हम उनका नाम जपते यह जिन्दगी अब हम उनके नाम करते है
:-मुनिश्री परिमल सागरनी
जिस गुरु ने हमको बोध दिया में उनके गुण गाता हु
गुरु प्रसन्न सागर का चेला ही मन की बात बताता हु
जैसे रेत को मिटा नहीं सकता वैसे हो आप का यश ओर गाथा जन्मों जन्मों तक अमर रहेगी
:-मुनि अर्ध सागर जी
आज का दिवस मानो सूर्य का उजास लेकर उदित हुआ है मानो मरुधरा को रेगिस्तान धरती पर खुशियो के फूल खिल उठे है
धरती का कण-२ खुशियों से झूम उठा है।”
:- आर्यिका माता पुण्यप्रभा जी
धन्य हुई यह घरा, धूरा, जहाँ आप ने जन्म लिया धन्य हुई वो माँ जिसकी कोख से जन्म लिया धन्य हुए हम जिन्हें कुछ पल का ही सही पर आपका साथ मिला
:–आर्यिका माता जी चरित्रप्रभा
सूरज की किरणे तेज दे आपको, खिलते हुए फूल खुशबू दे आपको, हमारे पास आपको हुने को कुछ भी नहीं है, देने वाला हर खुशी दे आपको।”
रोमिल पाटनी✍🏻

