इंदौर सकल दिगंबर जैन धर्म प्रभावना भावना समिति :: मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के मंगल अगवानी में करोड़ों रुपए खर्च कर क्यों शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है क्या इतने बड़े ताम- झाम के बिना गुरुदेव प्रसन्न नहीं होंगे या..
इंदौर ! (देवपुरी वंदना) हमारी संस्कार- संस्कृति परंपरा, श्रद्धा, भक्ति का आध्यात्मिक चातुर्मास को तप, त्याग, साधना, आराधना, संयम, को छोड़ शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनाया जा रहा है ?
सकल जैन धर्म प्रभावना समिति द्वारा मुनिश्री 108 सुधा सागर जी के मंगल आगमन का आयोजन :
रविवार 26 जुलाई प्रातः 7 :00 बजे बड़ा गणपति चौराहे मल्हारगंज से प्रारंभमंगल अगवानी के विशेष आकर्षण मुनि श्री संघ
1 बैनर, 12 ध्वज वाहक,1 रथ, 2 हाथी,101 आदमी का डमरू उज्जैन महाँकाल बैंड,24 बग्गी,12 घोड़ी, 5 डीजे गाड़ी, नासिक महिला बैंड 40 छतरिया, कलर फूल बैंड, झाँकीया 5:1 आचार्य श्री,2 कुंडलपुर जी,3 गोलाकोट,4 नारेली अतिशय क्षेत्र,
5 शुभोदय अतिशय क्षेत्र,11 विंटेज कार, 60 से 65 महिला मंडल, शोशल ग्रुप्स, संस्थाए, जयघोष बैंड,
राजकमल बैंड , श्याम बैंड ,बडनगर का बैंड, लवाज मे,
झंडे,नगर सजावट,लाखो श्रावक -श्राविका.
एवं अन्य कई आकर्षण क्या इन सब ताम- दाम के बिना मुनिश्री चातुर्मास के लिए नगर में प्रवेश नहीं करेंगे ! तो यह और जोड़ सकते हैं !
क्योंकि समाज में अब धर्म प्रभाव के नाम पर नाम पद के लिए शक्ति प्रदर्शन होना आवश्यक है क्योंकि इंदौर की समस्त श्वेतांबर और दिगंबर जैन समाज को दिख रहा है किस तरह
समाज को चंचल लक्ष्मी पति कुछ लोग समाज में किस तरह विघटन लाने का प्रयास तेजी से कर रहे हैं
क्या इंदौर शहर में एक ही चातुर्मास हो रहा है ? और जो शेष मुनि श्री, आचार्य श्री चातुर्मास के लिए विराजित है क्या वह धर्म की प्रभावना नहीं कर रहे हे या नहीं कर सकते हैं
मेरा सकल दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति से एक प्रश्न है आप स्थानीय इंदौर जैन समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं क्योंकि आप खुद इंदौर के स्थानीय निवासी है आप समाज की मूलभूत आवश्यकताओं से अनजान नहीं है



