इंदौर दिगंबर जैन समाज अनेको समस्याओं से जूझ रहा और नाम, पद,मंच – माला को धारण कर शक्ति प्रदर्शन का दौर चालू हो गया
इंदौर |(देवपुरी वंदना) अहिल्या देवी और सर सेठ हुकुमचंद जी औद्योगिक नगरी इंदौर दिगंबर जैन समाज के लिए एक आत्ममंथन क्या हम इतिहास रच रहे हैं… या केवल शक्ति प्रदर्शन दोहरा रहे हैं? विगत कई वर्षों से इंदौर दिगंबर जैन समाज में करोड़ों रुपये धार्मिक आयोजनों, भव्य मंगल प्रवेश, बैंड-बाजे, हाथी-घोड़े, बग्गियों, विशाल मंचों, टेंट, साउंड और शक्ति प्रदर्शन पर खर्च होते रहे हैं। आयोजन समाप्त होते हैं, भीड़ लौट जाती है और तालियां भी थम जाती हैं…
लेकिन एक प्रश्न आज भी वहीं खड़ा है—
स्थानीय दिगंबर जैन समाज के माध्यम से सामान्य जैन परिवार को मिला क्या?
क्या आज हमारे पास ऐसी शिक्षण संस्थाएं हैं, जहां समाज का बच्चा सम्मानपूर्वक शिक्षा प्राप्त कर सके?
क्या हमारे पास ऐसा अस्पताल है, जहां जरूरतमंद परिवार को सुलभ और रियायती उपचार मिल सके?
क्या पर्याप्त आधुनिक धर्मशालाएं, अतिथि भवन और सर्वसुविधायुक्त संत सदन उपलब्ध हैं, जो वर्षों तक समाज की सेवा करते रहें?
यदि उत्तर “नहीं” है, तो अब समय केवल आयोजनों का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का है।
धर्म की भव्यता केवल शोभायात्राओं से नहीं मापी जाती। धर्म की वास्तविक पहचान उन स्थायी निर्माणों से होती है, जो पीढ़ियों तक समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और सेवा प्रदान करें।
एक हाथी… एक दिन की शोभा देता है।
एक विद्यालय… सैकड़ों वर्षों तक पीढ़ियां तैयार करता है।
एक बैंड… कुछ घंटों तक गूंजता है।
एक अस्पताल… हजारों परिवारों को जीवन देता है।
एक भव्य मंच… कुछ भाषणों तक सीमित रहता है।
एक संत सदन… अनगिनत संतों और श्रद्धालुओं की सेवा का केंद्र बनता है।
अब निर्णय हमें करना है—
क्या हम हर वर्ष करोड़ों रुपये अस्थायी व्यवस्थाओं पर खर्च करते रहेंगे…
या फिर समाज के भविष्य के लिए ऐसी अमर धरोहर छोड़ेंगे, जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व करेंगी?
वर्ष 2026 का चातुर्मास केवल
99 या 105 दिवसीय आध्यात्मिक धार्मिक आयोजन बनकर समाप्त न हो।
इंदौर दिगंबर जैन समाज के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार की नई क्रांति का प्रारंभ बने।
आइए, एक संकल्प लें—
भव्यता भी रहे…
भक्ति भी रहे…
लेकिन समाज के लिए स्थायी निर्माण हमारी पहली प्राथमिकता बने।
इतिहास जुलूसों से नहीं…
समाज के लिए बनाई गई स्थायी धरोहरों से लिखा जाता है।
एक बार विचार अवश्य करें गुरुवर के नाम का आशीर्वाद और चंचल लक्ष्मी आपकी वर्ष 2026 का चातुर्मास क्या इंदौर दिगंबर जैन समाज को स्थानीय सुखदायक सौगात देकर जाएगा या हमेशा की तरह….

