आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमति माताजी का 2024 का मंगल चातुर्मास (मुरार) ग्वालियर मे
ग्वालियर ! वर्षाकालस्य चतुर्षुमासेषु एकत्रैवावस्थानं भ्रमण त्याग’ अर्थात वर्षाकाल के चार महीनों में साधुओं को भ्रमण का त्याग करके एक स्थान पर रहने का विधान किया गया है। इसे श्रमण के दस स्थितिकल्पों में अन्तिम पर्युषणा कल्प के नाम से…
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