इंदौर जैन समाज की डॉ. प्रगति जैन अयोध्या में महावीराचार्य – 2026 से पुरस्कृत और ‘जैन गणित गौरव ‘उपाधि से सम्मानित

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अयोध्या | (देवपुरी वंदना) हमारे प्रथम आराध्या तीर्थंकर और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जन्मभूमि उत्तर प्रदेश के पुण्य धरा अयोध्या स्थित श्री 1008 ऋषभदेव दिगम्बर जैन मंदिर, रायगंज, बड़ी मूर्ति, अयोध्या में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय विद्वत् जैन सम्मेलन के अन्तर्गत आज दिवस दिवस प्रात:काल पुरस्कार समर्पण समारोह सम्पन्न किया गया। इसमें प्रो. सरोज जैन-बीना को श्रीमती चंदारानी जैन स्मृति विद्वत् महासंघ पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में युवा विद्वान् डॉ. संजीव जैन सराफ-वाराणसी को प्रो. चन्द्रवीर जैन-शिकोहाबाद स्मृति विद्वत् महासंघ पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। सत्र के शुभारंभ में महासंघ की वार्षिक रिपोर्ट महामंत्री श्री विजय कुमार जैन के द्वारा विस्तृत सम्पन्न की गयी, जिसमें उन्होंने बताया कि सन् 1998 में 6अक्टूबर को गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के सान्निध्य में जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर स्थल पर तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत् महासंघ की स्थापना की गयी। तब से लेकर आज तक यह विद्वानों की एक शीर्षस्थ स्तर की संस्था है, जिसमें लगभग 346 देश के ख्याति प्राप्त विद्वान् पदाधिकारी व सदस्य हैं। वर्तमान में प्रो. डॉ. अनुपम जैन-इंदौर इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री विजय कुमार जैन-जम्बूद्वीप राष्ट्रीय महामंत्री वर्तमान में हैं। पुरानी कार्यकारिणी को भंग करते हुए परम्परानुसार गौरव अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी को नवीन कार्यकारिणी की सर्वसम्मति से अधिकार प्रदान किये गये, जिसमें उन्होंने नवीन कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 3 वर्ष के लिए पुन: सर्वसम्मति से डॉ. अनुपम जैन-इंदौर को राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री विजय कुमार जैन-जम्बूद्वीप (वर्तमान में अयोध्या) को राष्ट्रीय महामंत्री सर्वसम्मति से चुना गया और वे अपनी कमेटी का स्वयं विस्तारीकरण समयानुसार, योग्यतानुसार करेंगे। दोनों पदाधिकारियों का पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी द्वारा तिलक लगाकर एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। इसी के साथ चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न हुई।
मध्यान्ह सत्र में विद्वत् महासंघ एवं दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान का महावीराचार्य पुरस्कार समर्पण समारोह किया गया, जिसमें सत्र की अध्यक्षता प्रो. नीलेश कुमार जैन-आई.आई.टी.-इंदौर, मुख्य अतिथि प्रो. राजीव जैन, पूर्व कुलपति-जयपुर, विशेष अतिथि प्रो. रेनू जैन, पूर्व कुलगुरु-इंदौर, सारस्वत अतिथि प्रो. आनंद वर्धन शर्मा (निदेशक-एम.एम.टी.टी.सी.बीएचयू, वाराणसी), पुरस्कार के प्रायोजक डॉ. अनुपम जैन-इंदौर एवं पुरस्कार प्राप्तकर्ता डॉ. प्रगति जैन-इंदौर को पुरस्कार प्रदान किया!

सत्र का संचालन श्री विजय कुमार जैन-जम्बूद्वीप द्वारा किया गया। प्रायोजक पुरस्कार प्रदानकर्ता डॉ. अनुपम जैन-सौ. निशा जैन, पुत्रगण आयुष, अम्बुज, अनुज जैन-इंदौर परिवार द्वारा यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष विद्वत् महासंघ के द्वारा प्रदान किया जाता है। डॉ. प्रगति जैन के गणित के क्षेत्र में योगदान हेतु उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी एवं प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री108 चंदनामती माताजी, पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी ने डॉ. प्रगति जी को अपना-अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर के सभी पदाधिकारियों ने मुख्यरूप से पूज्य स्वामी, डॉ. अनुपम जैन, विजय जैन, जीवन प्रकाश जैन एवं पधारे हुए विशेष अतिथियों के द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया।

डॉ. प्रगति जैन ने इस अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं संस्था की आभारी हूँ कि मुझे गणित के योगदान हेतु यह पुरस्कार भगवान महावीर के नाम का साक्षात् सरस्वती स्वरूपा ज्ञानमती माताजी ससंघ के सान्निध्य में मेरे गुरु डॉ. अनुपम जैन के द्वारा प्रदान किया गया।

डॉ. अनुपम जैन-इंदौर ने अपना उद्बोधन दिया एवं इस पुरस्कार के महत्व को बताया एवं पुरस्कार की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूज्य गणिनीप्रमुख 108 श्री ज्ञानमती माताजी ने सभी विद्वानों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम में प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका 108 श्री चंदनामती माताजी का कुशल मार्गदर्शन प्राप्त हुआ एवं पीठाधीश स्वस्तिश्री 105 रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के निर्देशन में सम्पूर्ण कार्यक्रम सम्पन्न हुए। सायं सत्र में भक्ति एवं विद्वानों के आलेख वाचन हुए।
विजय कुमार जैन ✍🏻 (मंत्री-अयोध्या)

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