दुखद सूचना रीवा में आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी की दुर्घटना हुईं समाधि।


रीवा ! आचार्य श्री108 विद्यासागर महाराज से दीक्षित आर्यिका105 श्रुतमति माताजी की आज सुबह रीवा के पास एक दुर्घटना में समाधि हो गई उनके साथ उपसममति माताजी भी थी जिनकी हालत गंभीर है। बताया जाता है सुबह जंगल सोच के लिए जा रही थी उसी समय किसी बड़े वाहन ने उन्हें कुचल दिया दो अन्य माताजी भी चपेट में आने से बच गई। वर्तमान में भी आर्यिका श्री 105 सौम्यमती माताजी के संघ में विराजमान थी
आर्यिका श्रुतमति माता जी की आर्यिका दीक्षा 13 फरवरी 2006 को सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में आचार्य भगवन श्री विद्यासागर महाराज के कर कमलों से हुई थी।
29 मई 1998 को भाग्योदय तीर्थ सागर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज से उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लिया था उच्च शिक्षित माताजी ने एमएससी मानव शास्त्र और एम.ए. संस्कृत से किया था
माताजी के ग्रहस्थ अवस्था के बड़े भाई आचार्य संघ में मुनि श्री 108 अचलसागर महाराज है और वर्तमान में तारादेही जिला दमोह में विराजमान है। माताजी
सागर नगर के रामपुरा वार्ड की निवासी थी।

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