लाडनूं के प्रो. जिनेंद्र जैन आचार्य श्री आदि सागर अंकलीकर विद्वत् पुरस्कार – 2025 से सम्मानित

लाडनूं ! देवपुरी वंदना (शरद जैन सुधांशु लाडनूं ✍🏻) परम पूज्य श्री आदिसागर अंकलीकर परम्परा के चतुर्थ पट्टाचार्य प्राकृताचार्य श्री 108 सुनील सागर महा मुनिराज के सान्निध्य में महावीर जयंती के पवन अवसर पर प्राकृत एवं संस्कृत विभाग, जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय, लाडनूं के प्रो जिनेन्द्र जैन (उदयपुर) को जैनविद्या, प्राकृत भाषा के विकास, पांडुलिपि संरक्षण एवं उत्कृष्ट लेखन कार्य साहित्य संपादन के लिए आपको

आदिसागर अंकलीकर विद्वत् सम्मान-2025 से सम्मानित सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार आदिसागर अंकलीकर जागृति मंच, मुम्बई द्वारा आचार्य श्री 108 सुनीलसागर महाराज के सानिध्य में बड़ोदरा (गुजरात) में आयोजित तीर्थंकर श्री 1008 अजितनाथ के पंचकल्याणक महोत्सव के अवसर पर प्रदान किया गया।
आपको पुरस्कार स्वरूप श्रीफल, शाल, प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र और 51000/- नगद राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर सैकड़ो लोगों ने इस प्रसन्नता के प्रसंग पर व्यक्तिश:, दूरभाष एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई संदेश भेजकर शुभकामनाएं दी।

