सिहोनियाजी मे ध्वजारोहण व घट यात्रा के साथ श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ

मुरैना ! ( देवपुरी वंदना ) जहां आस्था भक्ति और शक्ति का समागम होता है वह पुण्य धरा पवित्र हो जाती है ।
बहुत सुखद एवं पावन अवसर आया है की मध्य प्रदेश के मुरैना शहर के निकटतम स्थित श्री 1008 दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र सिहोनियाजी जहां पर भूगर्भ से प्राप्त 11 वी शताब्दी की भगवान श्री 1008 शांतिनाथ की (16 फुट) श्री 1008 अरहनाध भगवान की (10 फुट) व श्री 1008 कुंथुनाथ भगवान‌ की (10 फुट) की पाषाण की खड़गासन प्रतिमाओं के दर्शन व वहां की पुण्य भूमि का सभी लाभ ले रहे हैं ।
इसे और दार्शनिक और अध्यात्मिक बनाने के लिए  युवा प्रणेता ग‌णिनी आर्यिका रत्न श्री 105 आर्षमति माताजी के आशीर्वाद एवं दिशा निर्देशन में श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन हो रहा है इनमें कई प्रकार के मंत्र व बीजाक्षरों की स्थापना की जाती है। मंत्र शास्त्र के अनुसार इसमें कई प्रकार की दिव्य शक्तियां प्रकट हो जाती है। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान सभी सिद्ध समूह की आराधना मंडल की साक्ष में की जाती है, जो हमारे सभी मनोरथों को पूर्ण करती है। हजारों साल पहले मैना सुंदरी नामक महिला ने पहली बार सिद्ध चक्र महामंडल विधान किया था और इसे करने से उसके पति का कुष्ठरोग ठीक हो गया था। तभी से सिद्ध चक्र महामंडल विधान करने की परंपरा शुरू हुई। अतिशय क्षेत्र सिहोनिया जी मैं चल रहे विधान में बैठने वाले सभी भाईयो – बहनों के लिए विधान की पोषाकों की उत्तम व्यवस्था की गई है साथ ही ठहरने व आने जाने के लिए प्रत्येक दिन वाहन की भी बहुत अच्छी व्यवस्था बड़े मंदिर और छोटे जैन मंदिर से की गई है आप सभी से विशेष अनुरोध है अधिक से अधिक संख्या में पधारे और धर्म लाभ ले आज विधान के प्रथम दिन श्रीमान वीरेंद्र कुमार जी जैन ने ध्वजारोहण किया । साथ ही महिलाओं द्वारा सिर पर कलश रखकर घट – यात्रा की शोभायात्रा क्षेत्र परिसर में निकाली गई ।
श्री 1008 शांतिनाथ अतिशय क्षेत्र कमेटी सिहोनिया जी एवं सोनू मित्र मंडल, जैन युवा क्लब ,सकल दिगंबर जैन समाज मुरैना एवं अंबाह व आयोजक -वीरेंद्र जैन आदित्य जैन सोनू जैन रिंकू जैन ने निकटतम साधर्मी बंधु से धर्म लाभ लेने का आव्हान किया।

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