हमारे जीवन के प्रथम गुरु हमारे माता-पिता ही है – मुनिश्री पूज्य सागरजी
इंदौर | माँ की महिमा ही ऐसी है की माँ अपने बच्चे को सूखे में सुलाती है ओर स्वयं बच्चे के कारण गीले में भी सो जाती है. हमारे तीर्थंकर को भी माँ ने ही जन्म दिया है, जब एक महिला माँ बन जाती है तब वह सब कुछ भूल कर अपने बच्चे का…
Read More...
Read More...
