अंतर्मना जन्मोत्सव मे शिष्यों ने चरण पखारे….गुरु पुष्पदंत सागर ने गले लगाया और उपहार स्वरूप 15…
सोनकच्छ |(देवपुरी वंदना) आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर इस युग के महातपस्वी संत है उनकी साधना समर्पण मिठास से में बड़ा प्रभावित हु। जो मां बाप नहीं कर सके वो बेटे ने कर के दिखा दिया। इनकी साधना को देखता हु तो लगता है इनके अंदर का परमात्मा…
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