विनय से रहित उच्च शिक्षा भी निरर्थक है: श्रमणाचार्य श्री विमर्शसागर जी
जतारा ! शिक्षा वह है जो हमें निर्माण की कला सिखाए आज परिवारों में अधिकांश लोग शिक्षित हैं पहले की तरह अनपढ़ लोग नहीं है फिर भी क्या कारण है कि इतनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर लेने के बाद भी आज इन शिक्षित व्यक्तियों का व्यवहार उनकी शिक्षा के…
Read More...
Read More...
