इंदौर में महासाध्वी डॉ.श्री कुमुदलताजी महाराज साहब के सान्निध्य में भव्य अनुष्ठान में 24 घंटे तक गूंजता रहा मंत्र जाप, हजारों आराधको ने लगाई श्रद्धा की डुबकी

इंदौर | (देवपुरी वंदना)  संकल्पमय चातुर्मास-2026 के अंतर्गत एयरपोर्ट रोड स्थित नरसिंह वाटिका में भगवान पार्श्वनाथ एवं भगवान अरिष्टनेमि का महामंगलकारी अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। महासाध्वी डॉ. श्री कुमुदलताजी महाराज साहब आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में आयोजित इस अनुष्ठान में देशभर से लगभग 2200 आराधकों ने सहभागिता कर श्रद्धा के इस महासागर में आस्था की डुबकी लगाई।

इस दौरान आराधकों ने लगातार 24 घंटे तक मंत्र जाप कर प्रभु आराधना की। मंत्रों की गूंज, प्रभु भक्ति और मंगलकामनाओं से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

24 घंटे तक गूंजते रहे मंत्र, आराधकों ने की प्रभु भक्ति

महामंगलकारी अनुष्ठान के अंतर्गत आराधकों ने 24 घंटे तक मंत्र जाप किया। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव और एकाग्रता के साथ आराधना में सहभागिता की। निरंतर मंत्र जाप और सामूहिक प्रभु स्मरण ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर प्रभु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए धर्म आराधना का लाभ लिया।

कैलाशजी विजयवर्गीय सहित देशभर की नामचीन हस्तियों ने बढ़ाई समारोह की गरिमा

इस भव्य अनुष्ठान समारोह में मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाशजी विजयवर्गीय ने सहभागिता की। वहीं प्रसिद्ध उद्योगपति श्री प्रकाशजी धारीवाल तथा सेलो ग्रुप के श्री प्रदीपजी राठौर युवा समाज सेवी श्री जय सिंह जैन आदि सहित देशभर से पधारीं कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा बढ़ाई। गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।

BCM ग्रुप परिवार रहा अनुष्ठान का लाभार्थी

इस संपूर्ण महामंगलकारी अनुष्ठान के लाभार्थी BCM ग्रुप परिवार के श्री अरविंदजी, श्री अरुणजी, श्री नवीनजी एवं श्री राजेशजी मेहता, इंदौर रहे। लाभार्थी परिवार के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रभु आराधना का लाभ लिया।

दो दशकों से अनुष्ठानों के माध्यम से धर्म आराधना की प्रेरणा

चातुर्मास समन्वयक श्री जिनेश्वरजी जैन ने बताया कि साध्वी श्री कुमुदलताजी महाराज साहब पिछले लगभग 20 वर्षों से ऐसे कल्याणकारी अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म आराधना से जोड़ रही हैं। इन आयोजनों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग मंत्र साधना, प्रभु स्मरण और आध्यात्मिक चिंतन की प्रेरणा प्राप्त कर चुके हैं।

जैन परंपरा में प्रभु भक्ति और मंत्र आराधना को आत्मबल, मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम माना जाता है। इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और आत्मचिंतन के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

अनुष्ठान समिति के कार्यकर्ताओं का रहा महत्वपूर्ण योगदान

इस भव्य आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने में अनुष्ठान समिति के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। व्यवस्थाओं से लेकर श्रद्धालुओं की सहभागिता तक, समिति के सदस्यों ने समर्पण और सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। देशभर से आए आराधकों की उपस्थिति ने आयोजन को आस्था और एकता का भव्य संगम बना दिया।

घनश्यामजी दोषी एवं जिनेश्वरजी जैन ने किया संचालन

महामंगलकारी अनुष्ठान समारोह का संचालन श्री घनश्यामजी दोषी एवं श्री जिनेश्वरजी जैन ने किया। आयोजन का समापन श्रद्धा, भक्ति एवं मंगलभाव के साथ हुआ। संकल्पमय चातुर्मास के अंतर्गत संपन्न इस भव्य अनुष्ठान ने इंदौर में धर्म और आध्यात्मिकता का यादगार वातावरण निर्मित किया।

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