“कुमुद संस्कार पाठशाला” इंदौर में अनुष्ठान आराधिका साध्वी डॉ. श्री कुमुदलता जी महाराज साहब के सान्निध्य में धर्म के साथ संस्कार ज्ञान और आनंद की पाठशाला में 700 बच्चों ने लिया लाभ

इंदौर ! ( देवपुरी वंदना ) एयरपोर्ट रोड स्थित नरसिंह वाटिका में चातुर्मास हेतु विराजित अनुष्ठान आराधिका साध्वी डॉ. श्री कुमुदलताजी महाराज साहब के सान्निध्य में विगत दिवस

“कुमुद संस्कार पाठशाला” का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष संस्कार शिविर में लगभग 700 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म, संस्कार और नैतिक जीवन से जुड़ी अनेक प्रेरणादायी शिक्षाएं प्राप्त कीं। पूरे परिसर में बच्चों की ऊर्जा, उत्साह और धार्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला।

 

शिविर का संचालन साध्वी श्री राजकीर्तीजी महाराज साहब ने अत्यंत प्रभावशाली एवं रोचक शैली में किया। उन्होंने बच्चों को जैन धर्म के मूल सिद्धांत, सदाचार, अनुशासन, करुणा, अहिंसा, गुरु-भक्ति एवं संस्कारों का महत्व सरल एवं मनोरंजक माध्यमों से समझाया। कथा, संवाद, प्रश्नोत्तरी, प्रेरक प्रसंग एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को धर्म के साथ जोड़ा गया, जिससे वे पूरे समय उत्साहपूर्वक सहभागिता करते रहे।

साध्वी श्री ने कहा कि बचपन ही वह अवस्था है, जिसमें दिए गए संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। यदि बच्चों को प्रारंभ से ही धर्म, अनुशासन और सदाचार की शिक्षा मिले, तो वे भविष्य में आदर्श नागरिक और समाज के जिम्मेदार सदस्य बनते हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा से भी अवश्य जोड़ें।
शिविर में रेनेसा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ स्वप्निल कोठारी का उपयोगी मार्गदर्शन मिला। 


शिविर तथा संपूर्ण चातुर्मास के रविवारीय संस्कार शिविर के लाभार्थी महेंद्र के नमकीन परिवार‌ रहे। इस अवसर पर महेंद्र गणगौर जैन, प्रतीक अंतिम जैन, निहित रूपल जैन, दिव्या जैन, अगस्त्य जैन एवं अलीशा जैन* का विशेष सहयोग रहा।
वहीं प्रेस्टीज परिवार  के केतन आशना जैन एवं रचिता जैन की ओर से प्रभावना के रुप में गुल्लक प्रदान की गई, जिससे कार्यक्रम और अधिक गरिमामय एवं सफल बना।

चातुर्मास के अंतर्गत प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाली कुमुद संस्कार पाठशाला बच्चों में धार्मिक संस्कार, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करने का एक सशक्त माध्यम बन रही है। बड़ी संख्या में बच्चों और अभिभावकों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि समाज में संस्कार आधारित शिक्षा के प्रति रुचि निरंतर बढ़ रही है।
शिविर का व्यवस्थापन जिनेश्वर जैन,सुशीला पोरवाल ओर बड़े साथ युवक संघ एवं श्री महावीर जैन स्वाध्याय शाला के कार्यकर्ताओं ने किया।
रमेश भण्डारी एवं प्रकाश भटेवरा ने अपनी मंगल भावनाएं व्यक्त की 

 

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