होटल के बंद कमरे में बने इंदौर दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष कल कैसे ले सकते हैं शपथ

इंदौर ! (देवपुरी वंदना) सर्व विदित है कि अपनी महत्वाकांक्षा,अहम, नाम, पद, मंच, माला की लालसा मानव को अच्छे बुरे की सोच से बहुत दूर ले जाता है! और सिर्फ अपने फायदे की जुगाड़ में ही लीन रहता है चाहे वह किसी भी रास्ते का उपयोग करता हो या करने के लिए लालाहित रहता है! इसका प्रत्यक्ष उदाहरण इंदौर दिगंबर जैन समाज के कुछ लालची व्यक्ति के घटते स्तर को देखते हुए लगाया जा सकता है इंदौर दिगंबर जैन समाज विगत कई वर्षों से प्रतिभावान अच्छी सोच और दृढ़ संकल्पित कुशल नेतृत्व करने वाले के अभाव के चलते दुःखी है फिर भी वह अपनी परंपरा के अनुसार धार्मिक, सामाजिक आयोजन में शामिल होकर अपने समाज में बढ़ते जा रहे विघटन को देखते रह जाता है और अपने आप को विवश मानता है क्योंकि वह सामाजिक मान मर्यादा के चलते कुछ कर नहीं पता है ! जिसका तानाशाही व्यक्तित्व लाभ उठाता है ! जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण आने वाली 27 जनवरी 2026 को इंदौर स्थित जाल सभागृह में देखने को मिलेगा क्योंकि जहां धर्म के नाम पर अधर्म का तानाशाही के नाम बिगुल बजेगा। क्योंकि जिसे समन्वयक की भूमिका निभाना थी वह स्वयं अध्यक्ष बनकर इंदौर जैन समाज में क्या बताना चाह रहे हैं चलो माना की आप जोड़-तोड़ में सर्वगुण संपन्न है फिर भी आप स्वयं बताएं आपको शपथ कौन दिलाएंगे- समाज की सम्मान मर्यादा को ताक में रखने वाले पूर्व अध्यक्ष या राजनैतिक व्यक्तित्व ? इंदौर दिगंबर जैन समाज के प्रमुख बुद्धिजीवी और समाज सुधारक का चोला पहने भोजन प्रिय व्यक्ति विशेष से निवेदन है कि आप स्वयं एक बार चिंतन मनन करना कि आपकी उपस्थिति या सहमति समाज को क्या देगी और आपके परिवार के सदस्य व आने वाली पीढ़ियां आप के इस फैसले से कितनी खुश होगी। विवेक आपका निर्णय आपका क्योंकि एक पत्रकार आपकी सोच को नहीं बदल सकता मगर सही और गलत निर्णय लेने के लिए आपको जगा जरूर सकता है!
