कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में 7 मई को आठ वर्षो बाद आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश
बैंगलुरू ! ( देवपुरी वंदना ) साधना महो दधि, अन्तर्मना आचार्य श्री108 प्रसन्न सागर जी महाराज अपने चतुर्विध संघ के साथ 7 मई को सुबह 07:30 बजे भव्याति भव्य मंगल प्रवेश कर रहे हैं। आप अपनों के साथ सादर आमन्त्रित हैं।
बैंगलुरू प्रवास के अनोखे उत्सव के पल
7 से 8 मई 2024 – कर्नाटक जैन भवन
81, के.आर.रोड, विश्वशवरापुरा, शांकरपुरम, बेंगलरू
09 से 12 मई 2024 – सत्य साई संस्कृत सदनम
नंबर 20, होसुर मैन रोड, नियर क्राइस्ट कॉलेज
प्रेस्टीज एक्रोपोलिस अपार्टमेंट के बगल में, बेंगलरू
13 से 19 मई 2024 – श्री सम्भवनाथ जैन भवन
101 डायगनल रोड, वी.वी पुरम, बेंगलरू
14 से 18 मई 2024
शिविर (08 से 80 वर्ष वालों के लिए) [ शिविर समय – सुबह 05:45 से 08:45 एवं शाम 06:30 से 08:30 बजे तक ]
19 मई 2024 को सुबह गुरू पाद पूजा, आशीर्वाद समारोह।
गुरुदेव का परिचय
1.) जन्म – 23-07-1970
2.) जन्म नाम- श्री दिलीप जैन
3.) जन्म स्थान -छत्तरपुर (म. प्र.)
4.) माता का नाम- श्रीमती शोभा जैन
5.) पिता का नाम श्री अभय कुमार जैन
6.) गृहत्याग – 21-01-1986
7.) ब्रह्मचर्य व्रत – 12-04-1986
8.) मुनि दीक्षा – 18-04-1989, महावीर जयंती
9.) मुनि दीक्षा स्थान परतापुर, राजस्थान
10.) मुनि दीक्षा गुरू परम पूज्य वात्सल्य दिवाकर आचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी महाराज
11.) आचार्य दीक्षा गुरु आचार्य 108 श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज
12.) आचार्य दीक्षा स्थली सोनकच्छ, देवास, मध्य प्रदेश
13.) आचार्य दीक्षा दिनांक – 29-11-2020
557 दिन की मोन साधना करने जा रहे अन्तर्मना आचार्य श्री 108 परम पूज्य प्रसन्न सागर जी महाराज सम्मेदशिखर जी तपस्वी मोन पूर्वक सिंहनिष्कडित व्रत करने वाले अन्तर्मना आचार्य श्री 108 परम पूज्य प्रसन्न सागर जी महाराज तपस्वी मौन पूर्वक सिंहनिष्कडित व्रत करने वाले अन्तर्मना आचार्य श्री 108 परम पूज्य प्रसन्न सागर जी महाराज का 557 दिनों की मौन साधना की।
आचार्य श्री ने षठ रस त्यागी आचार्य श्री 108 संभव सागर जी महाराज से यह व्रत ग्रहण कर गुरुदेव ने मौन साधना प्रारंभ की जिसमें आचार्य श्री 496 उपवास और 61 दिन आहार ग्रहण करेंगे। अभी भी आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज आज से कई वर्षों से प्रतिदिन एक आहार और एक उपवास कर रहे हैं। इसी बीच अगर अष्टमी चौदस होती है तो आचार्य श्री का 2 दिन का उपवास के बाद आहार ग्रहण करते है। आजीवन शक्कर और चटाई का त्याग अंतर्मना आचार्य 108 प्रसन्न सागर महाराज ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चरण पखार आजीवन शक्कर एवं चटाई का किया त्याग लिया।
विस्तृत जानकारी के लिए सम्पर्क करें :-
अनिल ठोलिया 9448389456, राहुल सरावगी 9845052525, सुभाष पाटनी 9844119362, वैभव जैन 9900991793