जिनशरणं तीर्थ छात्रावास पालघर‌‌ महाराष्ट्र मे प्रवेश प्रारंभ …..

महाराष्ट्र ! (देवपुरी वंदना) शिक्षा द्वारा हमें नैतिक मूल्यों, समाज सेवा की भावना, सामाजिक न्याय, और समरसता के महत्व को समझने में मदद मिलती है। शिक्षित लोग परिवार,समाज व राष्ट्र की कैसी भी समस्याओं के समाधान में योगदान करते हैं, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक बदलाव को प्रोत्साहित करते हैं, और समाज के उद्धार में योगदान करते हैं। शिक्षा मानव जीवन के हर पहलू पर सकारात्मक प्रभाव डालती है इसी दुरगामी सफल सोच को श्रमण संस्कृति के उन्नायक पुष्पगिरी तीर्थ के प्रणेता गणाचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी के सुशिष्य जिनशरणम आलोकित तीर्थ के स्वप्न प्रणेता आचार्य श्री 108 पुलक सागर जी की दूरगामी सोच एवं दृष्टि से के परिणाम से ओतप्रोत समाज बच्चों के लिए शिक्षा जरूरी एवं सफलता की सीढ़ी पर पहुंचने के लिए लौकिक , सामाजिक, धार्मिक, व्यवहारिक शिक्षण हेतु । जैन समाज के जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली छात्रों (केवल बालकों) को इस वर्ष छात्रावास में कक्षा 4,5 एवं 6 (इंग्लिश मीडियम) में C.B.S.E. बोर्ड के अनुसार निःशुल्क प्रवेश दिया जायेगा ।
प्रवेश प्रारंभ हो चुका है
आज ही प्रवेश हेतु सम्पर्क करे…
कल्पना गोधा, मुम्बई मो. 9820548120
बीना टोंग्या, जयपुर मो. 7597784103
प्रिया अग्रवाल, श्री रामपुर मो. 9423466988
सहयोग राशि 21,000/- वार्षिक
स्थान : तीर्थधाम जिनशरणं, उपलाट, तहसील तलासरी, जिला पालघर (महा.)
निवेदक : श्री दिगम्बर जैन जिनशरणं तीर्थ ट्रस्ट एवं पुलक मंच परिवार

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