बैंगलुरु मे जैन जगत के तमाम संकटों व समस्याओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय आवाज को बुलंद करने के लिए महावीर दर्शन मंच की हुई स्थापना

बेंगलुरु! (देवपुरी वंदना) राष्ट्रीय व विभिन्न प्रादेशिक स्तर पर कार्यरत दर्जनों संस्थाओं के अतीव प्रमुख पदाधिकारियों,जैन समाज के विचारकों, चिंतकों,श्रेष्ठी कर्मयोगियों व सुधारवादियों के साथ जैन इतिहासकारों,लेखकों,कलम कारों, साहित्यिकरों ,पत्रकारों,जैन पुरातत्वविदों और अल्पसंख्यक अधिकारो के लिए लड़ने वाले
पुरुषार्थियों की दक्षिण राज्यों की केंद्र बिंदु महानगरी बैंगलोर के गोडवाड़ भवन के सभागार में आयोजित एक महत्ती मैहराथन विचार समागम में देश में तमाम तरह के संकटों, समस्याओं और सरोकारों के लिए एक सशक्त और प्रभावी राष्ट्रव्यापी आवाजों को एक सूत्र में बांधने की महत्ती आवश्कता की माँग को ध्यान में रखते एक राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय संस्था का सर्व सम्मति से निर्माण किया गया

जिसका नाम महावीर दर्शन मंच रखकर समाज के सभी धार्मिक,आध्यात्मिक,साधुचर्या,सामाजिक,
सांस्कृतिक व जैन दर्शन,संस्कार व संस्कृति को
उसी के अनुकूल बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी
जनजागृति लाने व उसी अनुकूल वैचारिक धरातल बनाने का अभियान चलाया जाएगा.
इस मैराथन विचार समागम
के दो सत्र सम्पन्न हुए जिसमें गहन चिंतन व गंभीर विचार मंथन हुआ.इस विचार समागम को जोधपुर से आए पत्रकार सोहन मेहता, आगरा से आए इतिहासकार डा.योगेश जैन, पुराविद दिनेश जैन,समाज सुधारक बाबूलाल भंडारी,
मुंबई से आए जैन पत्रकार एस. बी . भण्डारी, अल्पसंख्यक कार्यक्रम को सम्पादित करने वाली डा. रेणुजी रांका,चेन्नई से आए समाजसेवी किरण जैन आदि ने संबोधित करते हुए जैन जगत के राष्ट्रव्यापी सरोकारों को महावीर दर्शन के अनुसार सम्पादित करने के अनेकों सारगर्भित सुझावों,संस्था को चलाने की अनेकों पहलुओं व जानकारियों को साझा किया एवं जनजागृति के अनेकों उद्धरण सुझाए.
