30 जून को नोएडा मे आचार्य श्री 108 विद्यानंद शोध संस्थान का भव्य त्रय शिलान्यास समारोह

 

नोएडा ! (देवपुरी वंदना) युग प्रणेता, ज्ञानवर्धक, 20 वीं सदी के महान संत सिद्धांत चक्रवर्ती श्वेतपिच्छाचार्य आचार्य श्री 108 विद्यानंदजी मुनिराज प्रमुख विचारक, दार्शनिक, संगीतकार, संपादक, संरक्षक, महान तपो-धनी, ओजस्वी वक्ता, प्रखर लेखक, शांत मूर्ति, परोपकारी संत थे। जिन्होंने अपना समस्त जीवन जैन धर्म द्वारा बताए गए अहिंसा, अनेकांत व अपरिग्रह के मार्ग को समझने व समझाने में समर्पित किया। जिन्होंने भगवान महावीर के सिद्धान्तों को जीवन-दर्शन की भूमिका पर जीकर अपनी संत-चेतना को सम्पूर्ण मानवता के परमार्थ एवं कल्याण में स्वयं को समर्पित करके अपनी साधना, सृजना, सेवा, एवं समर्पण को सार्थक पहचान दी है। वे आचार्य रत्न श्री 108 देश भूषण जी महाराज के परम शिष्य थे और उन्हीं की प्रेरणा एवम् मार्गदर्शन से कई कन्नड भाषा में लिखे हुए प्राचीन ग्रंथों का सरल हिन्दी व संस्कृत में अनुवाद किया। उनका नाम न केवल जैन साहित्य में अपितु सम्पूर्ण हिन्दी साहित्य में एक प्रमुख हस्ताक्षर के रूप में प्रतिष्ठित हैं।

विगत 21 अप्रैल 2024 से संपूर्ण समाज व राष्ट्र महान तपो धनी गुरुवर का जन्म शताब्दी समारोह बड़ी धूमधाम से मना रहा है इसमें एक कड़ी और जोड़ते हुए गुरुदेव के शिष्य परम पूज्य राष्ट्र हितेषी संत अभीक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी मुनि महाराज की प्रेरणा व पावन सानिध्य एवं मंगल आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश प्रांत के नोएडा शहर में प्रथम बार निग्रंथ ग्रंथालय समिति रजिस्टर्ड द्वारा आने वाले रविवार 30 जून 2024 को आचार्य श्री 108 विद्यानंद शोध संस्थान का भव्य त्रय शिलान्यास समारोह आयोजित होने जा रहा है जिसमें भव्य जिन मंदिर शिलान्यास, भव्य वेदी शिलान्यास, और भव्य संत भवन का शिलान्यास होगा ।

प.पू. राष्ट्र हितैषी संत अभीक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी मुनिराज निग्रंथ ग्रंथमाला समिति का गठन 19 वर्ष पूर्व 2005 में किया गया था। समिति को गठन जनकल्याण व प्राणी मात्रकी रक्षा हेतु अंहिसा के प्रचार-प्रसार हेतु प.पू. आचार्य श्री वसुनंदी जी गुरुदेव के द्वारा रचित व संपादित ग्रंथों द्वारा हो सके इस उद्देश्य से शास्त्रों का निशुल्क वितरण, समय समय पर वृक्षारोपण एवं निशुल्क स्वास्थ चिकित्सा शिविरों का आयोजन करते हैं। अनेक असहाय व जरूरतमंद व्यक्तियों की समिति द्वारा सहायता की जा चुकी है। पूज्य आचार्य भगवन वसुनंदी जी मुनिराज द्वारा रचित, अनुवादित व संपादित लगभग 380 शास्त्रों का प्रकाशन किया गया है। प्रत्येक शास्त्र की 1000 से 10,000 प्रतियाँ प्रकाशन कराके स्वाध्याय प्रेमियों के हेतु जिनालय, पुस्तकालय तक निशुल्क पहुँचाने का प्रयास किया है और वर्तमान में उसी कार्य में संलग्न है।

आप सभी को अवगत कराते हुए हर्ष हो रहा है कि प.पू. अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य भगवन श्री 108 वसुनंदी जी मुनिराज के मंगल आशीर्वाद से नोएडा एक्सप्रेस वे पर सैक्टर 145 मैट्रो स्टेशन से 1 कि.मी. की दूरी पर सैक्टर 161 नोएडा में 1000 वर्ग गज का भूखण्ड निर्धारित किया गया है। इस भूखण्ड पर श्री 1008 अजितनाथ जिनालय, आचार्य श्री 108 विद्यानंद वाचनालय, साधु, साध्वियों के लिए आचार्य श्री 108 शांतिसागर संत निवास एवं समिति का स्थायी कार्यालय प्रस्तावित है।

जिसमे आप भी आए अपनों को भी साथ लाएं ऐतिहासिक कार्य से जुड़कर पुण्य कमाए।

विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क करे:-

अध्यक्ष अजय जैन (मेरठ) 9456614258

वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र जैन (नोएडा) 9867557668 ‌‌

महामंत्री अजय जैन ( नोएडा ) 9971548889

मंत्री दिनेश जैन (नोएडा) ‌‌ 9899805745

कोषाध्यक्ष कुणाल जैन (सरधना) 9837045158.

~ चिराग जैन ✍🏻

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