अंजड़ के सर्वश्री पाटनी जी “नगर गौरव” से सम्मानित
एक बार जो बंदे कोई
ताहि नरक पशु गति नहीं होई "
चरित्रार्थ सत्य है कि शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी की रज संजीवनी से ही मनुष्य जन्म सार्थक हो जाता है !
उसी भावना से श्रीमती संतोष पाटनी के स्वप्न को साकार करते हुए अंजड़ के शेखर चंद जी…
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