हम अपनी संस्कृति छोड़ पाश्चात संस्कृति की ओर न बढे – मुनिश्री पूज्य सागरजी

इंदौर | माँ अहिल्या की नगरी के पश्चिम क्षेत्र स्थित अतिशयकारी नवग्रह जिनालय ग्रेटर बाबा में चल रहे नव दिवसीय श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान में अंतर्मुखी मुनि श्री 108 पूज्य सागरजी महाराज एवं क्षुल्लक श्री 105 अनुश्रवण सागरजी महाराज…
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हमारे जीवन के प्रथम गुरु हमारे माता-पिता ही है – मुनिश्री पूज्य सागरजी

इंदौर | माँ की महिमा ही ऐसी है की माँ अपने बच्चे को सूखे में सुलाती है ओर स्वयं बच्चे के कारण गीले में भी सो जाती है. हमारे तीर्थंकर को भी माँ ने ही जन्म दिया है, जब एक महिला माँ बन जाती है तब वह सब कुछ भूल कर अपने बच्चे का…
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पंथवाद को छोड़, दिगम्बरत्व के मूल गुणों को नमन करे – मुनि श्री पूज्य सागरजी

इंदौर | श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान विगत वर्ष की 30 दिसम्बर से प्रारंभ हुए आज के चौथे दिवस पर है, जहा इंदौर शहर ही नहीं निकटतम विभिन्न प्रान्तों से पधारे अपने साधर्मी बंधु अपने सांसारिक मानवीय जीवन में आ रहे दुखो का नाश…
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भगवान की वेदी का मार्जन करना भी पूजा ही होती है.. – मुनि श्री पूज्य सागरजी

इंदौर ।( देवपुरी वंदना )भगवान की आराधना व उपासना हम श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान में कर रहे है, जहां शेर व गाय एक साथ पानी पीते है. जैन धर्म का सिद्धांत द्रव्य व भाव पर टीका हुआ है. जब आप द्रव्य चढाते है तब उसके भाव बदल…
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देवशास्त्र गुरु की वाणी को सेव करो बाकी सब डिलीट करो.. -मुनि श्री 108 पूज्य सागरजी

इंदौर ! माँ अहिल्या की नगरी स्थित नवग्रह जिनालय ग्रेटर बाबा की पुण्य धरा पर चल रहे श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान के द्वितीय दिवस पर श्रमण संस्कृति के उन्नायक अंतर्मुखी परम पूज्य श्री 108 पूज्य सागरजी गुरुदेव ने अपने आशीर्वचन में कहा की -…
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श्री दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के चुनाव‌ मे युवा नेतृत्व की क्षमता और समन्वय की और कूच …

इंदौर ! (देवपुरी वंदना ) समाज में चली आ रही नाम, पद,की महत्वाकांक्षा की प्रति स्पर्धा मे कुछ स्थिरता सा लगा है या कहे तो महत्वाकांक्षियों में युवा नेतृत्व कुछ विचार करने के लिए मजबूर सा लगने लगा है सार्वजनिक रूप से अब अपनी…
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इंदौर में 7 जनवरी को बिजनेस दर्पण मीडिया ग्रुप द्वारा शिक्षक एवं पत्रकार सम्मान समारोह

इंदौर ! (देवपुरी वंदना ) जैन समाज व राष्ट्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाला सजग, जागरूक, निष्पक्ष, दूरदृष्टा से सभी को सचेत करने वाले पत्रकार बंधु अपनी लेखनी के दायित्व के साथ-साथ समाज में संस्कार, संस्कृति की अलख जगाये हुए हैं…
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हमारी संस्कृति के रक्षार्थ चलते फिरते तीर्थ श्रमण संस्कृति द्वारा तीर्थ रक्षा संकल्पित संजय जैन को…

औरंगाबाद ! श्री धर्म तीर्थ प्रणेता पूज्य आचार्य श्री 108 गुप्तिनंदी जी गुरुदेव द्वारा कचनेर में संजय जैन, दिल्ली को हमारी संस्कृति, संस्कार ,आस्था ,भक्ति की प्राचीन धरोहर के संरक्षण, जिर्णोद्धार, एवं विकास के लिए मंगल आशीर्वाद मिला साथ…
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आचार्य श्री108 देवनंदी जी गुरुदेव ने संजय जैन को विजय होने का आशीर्वाद दिया

इंदौर! ( देवपुरी वंदना ) तीर्थ बड़ा ही प्यारा शब्द है तीर्थ का मतलब ही मानवीय जीवन को तिराने वाला होता है। तीर्थ का दूसरा स्वरूप स्थावर है। पूरे देश में हमारे अनेकों दिगंबर जैन प्राचीन तीर्थ विद्यमान हैं, जिनकी गरिमा, महिमा और अलौकिकता…
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श्री दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव लिए संजय जैन ने भी नामांकन जमा…

मुंबई ! हमारी आस्था,श्रद्धा, भक्ति, संस्कार, संस्कृति, और प्राचीन धरोहरों के केंद्र तीर्थ क्षेत्रों के संरक्षण के लिए पूज्य जैन संतों के आशीर्वाद से कार्यरत शीर्ष संस्था "श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी" के 27 जनवरी 2024…
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