श्री शांतिवीर शिवधर्माजीत वर्धमानसुरीभ्यो नमः
इंदौर ! (देवपुरी वंदना) श्री शांति सिंधु सी निर्भयताहो वीर सिंधु सी निर्मलता श्री शिव सागर जी सा अनुशासन
हो धर्म सिंधु सी निस्पहता संयत वाणी चिंतन शक्ति हो अजित सुरिवर सी दृढ़ता इन गुणों का संचय हो वर्द्धित हो मन की मृदुता हो…
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