इंदौर दिगंबर जैन समाज एक ही है .. बस कुछ
इंदौर | ( देवपुरी वंदना ) समाज की कमजोरी य दुर्भाग्य से कुछ पद-प्रतिष्ठा की महत्वाकांक्षा से प्रेरित व्यक्तियों ने अपने अहम् की संतुष्टि के लिए अलग मंच, माला, बैनर, पोस्टर और माइक के सहारे कई संस्थाओं के नाम की दुकानें खोल ली हैं।
समाज सेवा और धर्म रक्षा के नाम पर ऐसे प्रयास दिगंबर समाज की एकता, संस्कार, संस्कृति और श्रमण परंपरा को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं। इसके कारण समाजजन भ्रमित हो रहे हैं और आपसी सौहार्द प्रभावित हो रहा है।
सबसे अधिक चिंता का विषय यह है किसच्चे श्रावक-श्राविकाओं की तप, त्याग, साधना, आराधना, श्रद्धा और भक्ति की पवित्र भावनाओं को भी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम बनाया जा रहा है। और साथ ही साथ अपने स्वयं के बच्चों और परिवार जनों को भी इसी राह पर चलने की सीख दे रहे हैं जब वह परिजनों के साथ ऐसा कर रहे हैं तो समाज के युवा वर्ग को क्या सिखाएंगे वह आने वाली पीढ़ी के लिए कैसे मार्गदर्शक बन पाएंगे ?
आज इंदौर दिगंबर जैन समाज में ऐसे समय की आवश्यकता है कि समाज व्यक्ति या पद के पीछे नहीं, बल्कि दिगंबर जैन समाज की एकता, श्रमण परंपरा, संस्कार और धर्म की मर्यादा के साथ खड़ा हो। यही समाज और धर्म दोनों के हित में है।
देवपुरी वंदना समाचार परिवार
श्रमण – परंपरा व संस्कृति के रक्षार्थ दिगंबरत्व पहचान की प्रथम सीढ़ी के चरणों में कोटि-कोटि नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु के साथ यही निवेदन करता है कि कुछ स्वार्थी तत्वों के कारण शहर में निवासरत श्रावक-श्राविकाएं तप, साधना-आराधना, भक्ति से
वंचित न रह जाए क्योंकि आज स्वार्थी व्यक्ति गुरुजनों के कंधों का भी उपयोग करने में नहीं सोचते !
साथ ही साथ इंदौर दिगंबर जैन समाज के सभी श्रावको ,श्रेष्ठियो से यही निवेदन है कि आप स्वयं अपनी बुद्धि, विवेक व ज्ञान का उपयोग करते हुए महत्वाकांक्षी समाज सेवी का चोला पहने भ्रामक व्यक्तियों से सावधान रहते हुए अपने मानवीय जीवन को धर्म प्रभावना से दूर न रखें !
सादर जय जिनेंद्र के साथ 🙏🏻

