मध्य प्रदेश मे जल्द से जल्द “जैन श्रमण संस्कृति, संरक्षण एवं संवर्धन बोर्ड ” का गठन हो :– सुकीर्ति जैन कटनी

कटनी ! ( देवपुरी वंदना ) सभी को विदित है कि सबसे प्राचीन और सबसे बड़ा जैन धर्म , समाज की संस्कार, संस्कृति से सभी परिचित हैं फिर भी महत्वकांक्षी व्यक्तियों द्वारा विगत कई वर्षों से जैन साधु संतों पर आवादी क्षेत्र एवं विहार (पद यात्रा) करते समय असामाजिक तत्वों द्वारा हमले कर क्षति पहुंचाई जा रही है। जिसमें कई साधू साध्वियों को गहरी चोट एवं जान तक चुकी होती है। घटना प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद भी अपराधी पकड़े नहीं जाते।
जैन धर्माविलबयों के धार्मिक क्षेत्र में भी दुर्भावनावश संगठित होकर क्षति पहुंचाई जाती है। हम चाह कर भी नहीं रोक पा रहे हैं। जैन अमण संस्कृति ही एकमात्र शेषः सुरक्षित संस्कृति है जिसमें हजारों वर्षों से ऋषि-मुनियों के द्वारा आजीवन वाहन त्याग कर पैदल विहार करते हैं. एवं दैनिक जीवन में भी त्याग के उच्चतमस्तर के आचरण का पालन करते हैं। हमारा एवं सरकार का दायित्व है कि भारत की पुरातन जैन श्रमण संस्कृति की रक्षा के
लिए संज्ञान ले एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा
“जैन श्रमण संस्कृति संरक्षण एवं संवर्धन बोर्ड” का गठन किया जाये निम्न समस्याओं का ‌ एक पत्र मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान को कटनी निवासी सुकीर्ति जैन, पूर्व विधायक, राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन), जैन राजनैतिक चेतना मंच, अध्यक्ष, श्री राम सेवा समिति, संरक्षक, बारडोली उत्सव समिति ने लिखा ।
जिससे भारत की पुरातन जैन संस्कृति की शासन के सहयोग संरक्षण, उन्नति, एवं संवर्धन की दिशा में कार्य किया जा सके।

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