एक समाज एक मुनि की हत्या में दो जगह अलग-अलग विनयांनजलि सभा …?

इंदौर ! ( देवपुरी वंदना ) जग जाहिर हो गया है कि कर्नाटका प्रांत में हमारे एक दिगंबर जैन मुनि का अपहरण कर हत्या के बाद मुस्लिम शख्स ने बेरहमी से निर्दयता पूर्वक उनके 9 टुकड़े कर दिए व 400 फीट नीचे एक बोरवेल में डाल दिए ।
तो इंदौर दिगंबर जैन समाज भी उस मुस्लिम निर्दई शख्स के नक्शे कदम पर चलते हुए एक समाज एक मुनि को विनयांनजलि के नाम पर भी धर्म समाज में अपने नाम ,पद -प्रतिष्ठा की महत्वाकांक्षा को लेकर भी श्रावक श्राविकाओ के बीच विभाजन करने से भी नहीं चूक रहे हैं ?
विघटन की परंपरा तो चली आ रही है जिसका परिणाम तीर्थ क्षेत्र
गोमटगिरी से कोई अनजान नहीं है । नाम पद प्रतिष्ठा के लिए किस हद तक गिर सकते हैं यह तो वह खुद मंथन करें और परिणाम बताएं तो समाज के लिए एक अच्छा प्रयास होगा ।
आगामी रविवार 16 जुलाई 2023 को प्रातः जिस प्रकार मुस्लिम शख्स द्वारा दिगंबर जैन मुनि राज के शव को भी क्रूरता के साथ 9 टुकड़ों में विभाजन कर दिया गया था उसी प्रकार इंदौर दिगंबर जैन समाज को भी अपनी – अपनी महत्वकांक्षा से विभाजित कर जैन समाज में दो -दो विनयांजलि सभा का आयोजन रखा गया है। एक मोदी जी के नसिया बड़ा गणपति जहां आचार्य श्री विहर्ष सागर जी महाराज‌ विराजमान है । वहीं दूसरी ओर इतवारीया बाजार स्थित धर्मशाला में अब आपके हमारे जैसे सामान्य श्रावक – श्राविकाएं दुविधा में है कि कहां पर जाएं और कहां पर नहीं एक स्थान पर आचार्य संघ है जिनसे इंदौर दिगंबर जैन समाज को विघटन की ओर अग्रसर जैन समाज को चातुर्मास समय संगठित करने की बहुत ज्यादा उम्मीद है । अब जैन समाज के साथ-साथ शहर में विराजित संत सानिध्य किस और समाज को ले जाता है क्योंकि समाज के जिम्मेदारों से अब उम्मीद करना अपने तीर्थ क्षेत्रों को आंखों के सामने ही गवाना और समाज की गिरती साख पर आंख बंद कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री करना ही रह गया है।

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