इंदौर छावनी में होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में शांतिलाल जी काला होगे यज्ञ नायक

इंदौर ! ( देवपुरी वंदना ) नर से नारायण, आत्मा से परमात्मा बनने की प्रक्रिया का महोत्सव है पंचकल्याणक प्रतिक्रिया पंचकल्याणक तीर्थंकर भगवान के गर्भ में आने से लेकर मोक्ष जाने पर्यन्त विशिष्ट समारोहों के रूप में मनुष्य व देवताओं द्वारा यथासमय मनाए जाते हैं। ये कल्याणक इनके तीर्थंकर नामक सर्वातिशायी पुण्य प्रकृति के उदय से ही होते हैं, क्योंकि सामान्य केवलियों के वह नहीं होते। पंचकल्याणक तीर्थंकरों के ही होते हैं।
माऺ अहिल्या की पावन नगरी और जैन समाज का हृदय स्थल स्थित इंदौर शहर के श्री 1008
दिगंबर जैन पंचायती मंदिर छावनी में विराजमान होने वाली 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं के सन्मति स्कूल परिसर में आगामी 26 नवंबर 2022 से होने वाले पंचकल्याणक एवं वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य पात्रों का चयन बोली के माध्यम से हुआ। सौधर्म इंद्र-इंद्राणी बनने का सौभाग्य विपिन – मंजू सोगानी एवं कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य सुवालाल दगड़ा ने प्राप्त किया। महोत्सव के महायज्ञ नायक देवेंद्र लवेश सेठी, यज्ञ नायक शांतिलाल काला बड़नगर वाले, ईशान इंद्र अनिल सोनी एवं चक्रवर्ती इंद्र प्रकाश शास्त्री होंगे।
इसी प्रकार वीर कुमार जैन एडवोकेट, अजय जैन ट्रांसपोर्ट, सचिन जैन, सुशील गोधा, योगेश कुमार एवं राजेश कुमार ने भी विभिन्न पात्र बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। इस अवसर पर मुनि 108 श्री आदित्य सागर जी महाराज जी ने उपस्थित श्रावक – श्राविकाओ को संबोधित करते हुए बताया कि जन्म लेना बड़ी बात नहीं, जन्म लेकर जिनेंद्र भगवान के प्रति श्रद्धा-समर्पण होना बड़ी बात है। यह प्रतिष्ठा महोत्सव धन संग्रह के लिए नहीं, परिणामों की विशुद्धी के लिए है। जिन्होंने आज महोत्सव के पात्र बनने का सौभाग्य प्राप्त किया है, वह बड़े भाग्यशाली हैं ।
मुनि श्री 108 अप्रमित सागर जी ने कहा कि प्रभु की आराधना और धार्मिक अनुष्ठान करने से कर्मों का क्षय होकर पाप कटते हैं और पुण्य का बंध होता है। इस अवसर पर अशोक पाटनी, कैलाश वेद, प्रकाश बड़जात्या, धीरेंद्र कासलीवाल, पंडित जयसेन जैन, डॉक्टर जैनेंद्र जैन, योगेंद्र काला एवं एम. के. जैन आदि गणमान्य श्रेष्ठीजन उपस्थित थे। सभा का संचालन प्रतिष्ठाचार्य पंडित प्रदीप शास्त्री, ( ललितपुर ) ने किया।

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