इंदौर में 1600 बच्चों के साथ जैन संस्कारों का आठ दिनों का ध्वजारोहण के साथ सन्मति स्कूल, छावनी में 11वां वार्षिक शिविर प्रारंभ

इंदौर। (देवपुरी वंदना ) “गुणों के समूह को द्रव्य कहते हैं” जैसे गूढ़ सिद्धांतों को सहज भाषा में आत्मसात करते 1600 बच्चों और युवाओं के साथ सन्मति स्कूल, छावनी में जैन युवा एवं बाल संस्कार शिक्षण शिविर के 11वें वार्षिक आयोजन का भव्य शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। 3 मई से 10 मई तक चलने वाले इस शिविर में इंदौर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीयन के माध्यम से जुड़े हैं।

यंग जैन स्टडी ग्रुप द्वारा विगत 11 वर्षों से निरंतर आयोजित इस शिविर का संचालन माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका में पूर्व डिज़ाइनर इंजीनियर रहे युवा विद्वान प्रकाश छाबड़ा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जो परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।
स्मार्ट क्लास में जैन दर्शन के गूढ़ रहस्यों का सरल बोध कराया जा रहा है
शिविर में प्रतिभागियों को जैन दर्शन के मूल तत्वों को पांच स्तरों में व्यवस्थित कर आधुनिक स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से समझाया जा रहा है। णमोकार मंत्र, पंच परमेष्ठि, क्रोध-मान-माया-लोभ जैसे चार कषाय, द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव, जीव-अजीव का भेद, कर्म सिद्धांत, विभिन्न गतियां तथा प्रथमानुयोग, चरणानुयोग, करणानु योग और द्रव्यानुयोग जैसे जटिल विषयों को अत्यंत सरल, रोचक और व्यावहारिक शैली में प्रस्तुत किया जा रहा है।

यह शिविर केवल शिक्षा नहीं, बल्कि आत्मबोध की एक यात्रा बनता जा रहा है—जहां बच्चे “हम कौन हैं, कहां से आए हैं और जीवन का उद्देश्य क्या है” जैसे प्रश्नों के उत्तर खोज रहे हैं।
सामूहिक पूजन, अनुशासन और समर्पण का अद्भुत संगम
शिविर प्रमुख प्रकाश छाबड़ा ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 6 बजे विभिन्न कॉलोनियों से बच्चों और युवाओं को बसों के माध्यम से लाया जाता है। सुबह 7 बजे सभी प्रतिभागी अष्ट द्रव्य के साथ सामूहिक पूजन करते हैं, जो श्रद्धा, अनुशासन और एकता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है।

ध्वजारोहण का मिला सौभाग्य
इस विशाल आयोजन के ध्वजारोहण का सौभाग्य अशोक किरण जैन, सुनील मीना जैन, श्रीमती श्वेता संजय बंडी, नेहा पलाश बक्षी, अविनाश सेठी, विजित रामावत, श्रीमति निर्मला पहाड़िया, श्रीमती बिंदु निखिलेश पांड्या, श्रीमती सरोज सुरेश बड़जात्या, नवीन शिवानी गोधा, सुनील शाह, दिलीप दोषी, ज्ञानेश सिंघई, डॉ. हर्षल दीप्ति शाह, श्रीमती श्वेता अरुणा बंडी, श्रीमती नेत्रा अपूर्व पालविया, श्रीमती अनीता वेद आदि को प्राप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि प्रातः 5 बजे से कार्यकर्ताओं की समर्पित टीम—प्रीतेश जैन, अजय नीतू जैन, अजय मिंटा जैन, आमोद पहाड़िया, अमन जैन, रोहित जैन, तरुण जैन, श्रीमती खुशबू जैन, श्री अंशुल जैन, श्री अरिहंत जैन, श्री अखिलेश रिंकल जैन, श्री नरेश जैन, श्री रितेश जैन, श्री प्रमोद पहाड़िया, श्री महेश जैन, श्री आशीष जैन, श्रीमती सृष्टि जैन, श्रीमती किरण जैन—संपूर्ण व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और आत्म जागरण का सशक्त अभियान है, जो नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर कर रहा है।
राजेंद्र जैन “महावीर” ✍🏻
