इंदौर दिगंबर जैन समाज (सामाजिक संसद) के “अध्यक्ष” बनाने के लिए 380 वोट की आवश्यकता है
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इंदौर! ( देवपुरी वंदना ) इंदौर दिगंबर जैन समाज पिछले कई समय से नेतृत्व विहीन रहा है वह हंसी का पात्र बनता जा रहा है क्योंकि कुछ नाम, पद, की लालसा की महत्वाकांक्षा के चलते समाज के श्रावक – श्राविकाओं में मतभेद के साथ मन – भेद से भी समाज को तोड़ने में लगे हैं जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण इंदौर की सभी समाज के सामने है!


देखा जाए तो 132 दिगंबर जैन मंदिर के 756 प्रतिनिधि इंदौर जैन समाज का “अध्यक्ष” चुनेगे जो सिर्फ हमारे अंतिम तीर्थंकर भगवान श्री 1008 महावीर जन्म कल्याण महोत्सव की स्वर्ण शोभायात्रा की शासन- प्रशासन से परमिशन लेकर संचालन करते हैं ! जो की बहुत पुरानी परंपरा है जो कि पूरा इंदौर जानता है !
756 ÷ 2 = 378
मतलब 380 मतदाता का निर्णय और भी सरल
इंदौर जैन समाज के 132 मंदिरों के अध्यक्ष, मंत्री व कोषाध्यक्ष मिलाकर कुल 396 व्यक्तियों के मत मतलब एक भी अन्य प्रतिनिधि की आवश्यकता के बिना अध्यक्ष का निर्णय
अध्यक्ष पद के दावेदारों के पास चारसौ व्यक्तियों का विश्वास नहीं है फिर किस आधार पर अपने अध्यक्ष की महत्वाकांक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं बाकी निर्णय आज शाम तक आ जाएगा !
कुछ समय का इंतजार और…
