सामाज से एक सीधा प्रश्न 132 मंदिरों व सामाजिक संगठनों के 756 प्रतिनिधियों का चयन सही है या बंद कमरे में 10 व्यक्तियों का

इंदौर ! (देवपुरी वंदना) इंदौर दिगंबर जैन समाज मे समाज का विघटन कौन करा रहा है वह सभी जानते हैं फिर भी समाज से एक मेरा प्रश्न है कि जहां स्थानीय 132 दिगंबर जैन मंदिरो व सामाजिक संगठनों के 756 प्रतिनिधियों द्वारा निष्पक्ष, प्रदर्शित, दर्शाता चुनाव समाज के अध्यक्ष का चयन सही उचित मानता है या
बंद कमरे के 10 व्यक्तियों का निर्णय चलो माना कुछ निर्णय लेना आवश्यक रहा भी तो क्या आपने किसी को अपने निर्णय की जानकारी देना तक उचित नहीं समझा या आप बाकी के प्रतिनिधियों को कुछ नहीं मानते ?


अब तो सही क्या गलत क्या निर्णय आपके हाथों में दूसरी बात आप अपने कुल, परिवार, धर्म, समाज, के प्रति अपने दायित्वों का निर्माण करते हुए अपने स्थानीय मंदिर, चैत्यालय के अध्यक्ष, मंत्री,व कार्यकारिणी से सही वह उचित जानकारी लेकर अपने मतों का उपयोग करें ना कि किसी बहकावे या लालची महत्वाकांक्षी व्यक्तियों के बीच अपनी गरिमा को न खोवे आप को स्थानीय समाज ने विश्वास कर श्री जिनशासन दैवाल्य का प्रतिनिधि चुना है? हां वह बात और है कि आपने किसी अच्छे व्यक्ति के हक को मार कर या कार्यकारिणी अध्यक्ष पर दबाव बनाकर प्रतिनिधि का रूप लिया है तो उसका कोई जवाब ही नहीं है कृपया निवेदन है अपनी उचित व अच्छी गरिमा का उपयोग करते हुए सही निर्णय ले न कि नाम, पद,के महत्वाकांक्षी व्यक्तियों का साथ देखकर अपनी विवेक बुद्धि का कृपया परिचय दें व अपने परिजन या आने वाली पीढ़ी को‌ पुनः आरोप – प्रत्यारोप के अखाड़े का…
जवाब के इंतजार में
श्रीमती मंजू जैन इंदौर✍🏻

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