इंदौर में मुनि श्री 108 विनम्र सागरजी के मंगल प्रवेश में आज समाज जनों से कड़ा बर्ताव, दिगम्बर मुनि को किससे खतरा..? ~ मनीष अजमेरा ✍🏻

इंदौर ! परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी के परम शिष्य मुनि श्री 108 विनम्र सागर जी का संसंघ इंदौर की धरा पर चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश में आज प्रातः उदयनगर से शोभा यात्रा के रूप में हुआ । जुलूस में 50 से अधिक फौजी ( जो जैन नही थे ) मुनि संघ को घेरा बंदी कर ऐसे चल रहे थे मानो मुनि राज को किसी से कोई खतरा हो । विशेष बात यह थी की विनम्र सागर जी के मंगल प्रवेश में दूर दूर से मुनि के दर्शन को आए मुट्ठी भर जैन समाज के बंधुओ को भी कड़े बर्ताव का सामना करना पड़ा आयोजको के आदेश पर घेरा बना कर चल रहे फौजी घेरे में किसी को भी दर्शन नही दे रहे थे और उल्टा धक्के दे कर बाहर कर रहे थे ?
इंदौर सामाजिक संसद के प्रवक्ता मनीष अजमेरा ने इस बात पर कड़ी आपत्ति लेते हुए आयोजको से कहा की संतो को वी. आई. पी बनाने की गलत परम्परा बंद कर दो , समाज को गलत दिशा में ले जाना बंद कर दो । अजमेरा ने सवाल किया की आखिर महाराज श्री को किससे खतरा है जो उनकी सुरक्षा में 50 से अधिक फोजियो को लगाया गया हे ? दूर दूर से संतो के दर्शन और आशीर्वाद लेने आने वाले समाज जनों, भक्तो को रोके जाना और धक्के दे कर अपमानित करने का खेल बंद करो । इस पर चातुर्मास समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने क्षमा मांगते हुए गलती स्वीकार करते हुए कहा की इस व्यवस्था को ले कर उन्हे भी उचित नही लगा है। मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के मंगल आगवानी में ऐसी व्यवस्था नहीं दोहराई जाएगी । इसके बाद दयोदय ट्रस्ट के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य मुनि श्री से मिलवाने के लिए अजमेरा को ले कर घेरे में पहुंचे । जहा अजमेरा ने मुनि श्री के समक्ष भी इस व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मुनि श्री से कहा की समाज जन और मुनि भक्त आपके दर्शन और आशीर्वाद के लिए आ रहे हे उन्हें रोकना और धक्के देना कहा तक उचित है..? आखिर आपको किससे खतरा है…? इस पर मुनि श्री ने मुस्कराते हुए कहा की में सबसे मिलूंगा । में यहां सबसे मिलने ही आया हु । 17 के बाद एक जगह सबसे मिलूंगा । अजमेरा ने मुनि श्री को अपनी आपत्ति जताते हुए प्रणाम कर आशीर्वाद लिया!

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